
News power zone:Lok Seva Guarantee Chhattisgarh Officers Accountability राज्य में चुनावी माहौल बनने से पहले सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। 15 तारीख को हुई कैबिनेट बैठक के बाद प्रशासनिक मशीनरी को तेज करने के स्पष्ट संकेत दे दिए गए हैं। मई की 4 तारीख को पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद जहां सुराज अभियान की शुरुआत होगी, वहीं उससे पहले अफसरशाही को अपनी कार्यशैली दुरुस्त करने का अल्टीमेटम मिल चुका है।
पिछले सप्ताह मुख्य सचिव विकासशील ने विभागीय सचिवों की अहम बैठक में साफ शब्दों में निर्देश दिए कि जनता से जुड़ी सभी सेवाओं को प्राथमिकता के साथ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित किया जाए। साथ ही इन सेवाओं की प्रगति रिपोर्ट भी तय समय में प्रस्तुत करने को कहा गया है। बैठक में यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि यदि किसी विभाग या अधिकारी की लापरवाही सामने आई, तो उस पर सख्त कार्रवाई तय मानी जाएगी।
सरकार की मंशा साफ है कि चुनाव से पहले जनता को किसी तरह की असुविधा न हो और सरकारी सेवाएं तय समय पर मिलें। इसी कड़ी में सुराज अभियान को भी एक बड़े फीडबैक मैकेनिज्म के रूप में देखा जा रहा है। अभियान के दौरान मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सीधे गांवों में उतरेगा, जहां आम जनता से सीधा संवाद कर जमीनी हकीकत जानी जाएगी।
इस दौरान जिन विभागों के खिलाफ ज्यादा शिकायतें सामने आएंगी, उनके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है। कुल मिलाकर संदेश स्पष्ट है कि अब केवल पद पर बने रहना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता को समय पर सेवाएं देना ही अफसरी की असली कसौटी होगी। वरना सुशासन का डंडा किसी पर भी चल सकता है।



