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CG Crime News : टांगी और खून के धब्बों ने खोला डबल मर्डर का राज, 16 गवाह-46 साक्ष्यों के बाद दो हत्यारों को उम्रकैद

CG Crime News : छत्तीसगढ़ में डबल मर्डर का खौफनाक राज, टांगी और खून के धब्बों ने पहुंचाया हत्यारों तक, दोनों को उम्रकैद

अंबिकापुर, 18 अगस्त। CG Crime News : सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में हुए चर्चित पति-पत्नी डबल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 10 महीने चली सुनवाई के बाद द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर की अदालत ने मामले के दो आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत के फैसले के बाद मृतक परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। इस पूरे मामले में टांगी, खून से सने कपड़े, रक्तरंजित मिट्टी, फोरेंसिक जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई।

घर की परछी में मिले थे पति-पत्नी के शव

मामला 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात का है। ग्राम कुम्हरता घाधी में पति-पत्नी की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन घटना की जानकारी मिलने पर दरिमा पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस को दोनों के शव घर की परछी में मिले। जांच के दौरान घर से बकरियां गायब होने की बात भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने हत्या के पीछे संभावित कारणों और घटनाक्रम को लेकर कई पहलुओं पर जांच शुरू की।

टांगी और खून से सने कपड़ों ने पहुंचाया आरोपियों तक

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान पम्पापुर निवासी करीमन मझवार (42) और जय श्याम (28) को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल टांगी बरामद की गई। इसके अलावा घटना के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए, जिन पर खून के धब्बे मिले थे।

पुलिस ने घटनास्थल से रक्तरंजित मिट्टी, सामान्य मिट्टी, मृतकों के कपड़े समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और उन्हें एफएसएल जांच के लिए भेजा।

14 दिसंबर 2025 को कोर्ट में पेश हुआ चालान

पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद 14 दिसंबर 2025 को न्यायालय में चालान पेश किया। इसके बाद अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में मामले से जुड़े गवाहों और भौतिक साक्ष्यों को प्रस्तुत किया।

16 गवाह और 46 साक्ष्यों ने मजबूत किया अभियोजन का केस

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 16 गवाहों और 46 महत्वपूर्ण आर्टिकल साक्ष्यों के माध्यम से अपना पक्ष रखा। मामले में परिस्थितिजन्य और भौतिक साक्ष्यों को अहम माना गया। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने मृतकों के उत्तराधिकारियों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा भी की है।

पुलिस टीम की जांच की हुई सराहना

मामले की विवेचना तत्कालीन दरिमा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश खलखो ने की थी। मामले की जांच में जुटी पुलिस टीम के प्रयासों की वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सराहना की। उत्कृष्ट विवेचना के लिए आईजी सरगुजा रेंज दीपक झा ने विवेचक और सहयोगी पुलिसकर्मियों को पारितोषिक देने की घोषणा की है। वहीं डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने भी पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की।

10 महीने बाद मिला अदालत का फैसला

कुम्हरता के इस चर्चित डबल मर्डर मामले में करीब 10 महीने बाद अदालत का फैसला आया। 16 गवाहों और 46 साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस फैसले के साथ ही मृतक परिवार को न्याय की कानूनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मिला है।

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