Bilaspur Snake Bite Scam : फर्जी सर्पदंश मुआवजा घोटाले में बवाल…! 3 क्लर्क सस्पेंड…गिरफ्तारी के विरोध में कर्मचारियों ने खोला मोर्चा
तहसील का कामकाज ठप
बिलासपुर, 28 जुलाई।Bilaspur Snake Bite Scam : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित फर्जी सर्पदंश मुआवजा घोटाले में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। तहसील कार्यालय के तीन राजस्व लिपिकों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पुलिस अब आठ अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज करने की तैयारी में है। इस कार्रवाई के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश राजस्व लिपिक संघ और छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ खुलकर मैदान में उतर आए हैं।
गिरफ्तारी के विरोध में हड़ताल, तहसील का कामकाज ठप
तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी के विरोध में लिपिक संघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने एक दिन की हड़ताल की। इसका असर पूरे तहसील कार्यालय पर पड़ा। सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा सहित कई राजस्व मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई और दूर-दराज से आए लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा।
8 कर्मचारियों के बयान बाकी, बढ़ी चिंता
पुलिस अब आठ अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी। राजस्व कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि जांच पूरी होने से पहले कर्मचारियों को आरोपी बनाया जा रहा है, जिससे पूरे विभाग में भय का माहौल है। संघ ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
सामूहिक अवकाश की चेतावनी
राजस्व लिपिक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई और कर्मचारियों को कानूनी सुरक्षा नहीं मिली, तो जिलेभर के राजस्व कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। इससे तहसील कार्यालयों में राजस्व से जुड़े कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
क्या है 17 करोड़ का फर्जी सर्पदंश मुआवजा घोटाला?
जांच में सामने आया कि बिलासपुर में 431 कथित सर्पदंश मौतें दिखाकर करीब ₹17.24 करोड़ का मुआवजा जारी किया गया। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज, फर्जी हस्ताक्षर और झूठे शपथ पत्रों के जरिए सामान्य मौतों को भी सर्पदंश बताकर सरकारी सहायता राशि निकाली गई। मामले में अब तक डॉक्टर, पुलिसकर्मी और तहसील कर्मचारियों सहित 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।






