बिलासपुर

Bilaspur Robbery Case : बिलासपुर में 3.35 करोड़ की सराफा लूट…! पुलिस ने यूपी में किया शॉर्ट एनकाउंटर…4 आरोपी गिरफ्तार

सीसीटीवी, टॉवर डंप और डिजिटल सर्विलांस से खुली लूट

बिलासपुर, 19 फरवरी। Bilaspur Robbery Case : सरकंडा थाना क्षेत्र के राजकिशोर नगर में सराफा कारोबारी संतोष तिवारी से 3.35 करोड़ रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। संयुक्त अभियान के दौरान मिर्जापुर में शॉर्ट एनकाउंटर हुआ, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि अन्य ने आत्मसमर्पण कर दिया।

वारदात के बाद ‘get-set-go’ मोड में पुलिस

घटना के तुरंत बाद पुलिस महकमा ‘get-set-go’ रणनीति पर सक्रिय हो गया। 10 विशेष टीमें गठित कर अलग-अलग एंगल से जांच शुरू की गई। बीट स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों को तत्काल सक्रिय कर जमीनी सूचनाएं जुटाई गईं। ग्राम उरतुम के पास लूटी गई कार की बरामदगी के बाद जांच को गति मिली। शहर और आउटर क्षेत्र के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। टॉवर डंप डाटा का विश्लेषण, संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पहचान और फिंगरप्रिंट का नेफिस सर्वर से मिलान जैसे तकनीकी कदम उठाए गए।

चोरी की गाड़ियों से रची गई साजिश

जांच में सामने आया कि वारदात में प्रयुक्त बाइक और कार दोनों चोरी की थीं। बाइक अंबिकापुर से चोरी की गई थी, जबकि सफेद इको वैन घटना से एक दिन पहले अकलतरा थाना क्षेत्र से चुराई गई थी। सीसीटीवी विश्लेषण में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी स्कॉर्पियो से कारोबारी का पीछा कर रहे थे और बाद में उसी वाहन से फरार हुए।

एसएसपी रजनेश सिंह की सक्रिय मॉनिटरिंग

पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से लगातार की जाती रही। स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारण और बेहतर टीम समन्वय के कारण कार्रवाई प्रभावी रही। आईजी स्तर पर भी सुपरविजन जारी रहा, जबकि जिला स्तर पर रणनीतिक नेतृत्व के तहत फील्ड एक्शन संचालित होता रहा।

अंतरराज्यीय कार्रवाई और मुठभेड़

तकनीकी इनपुट साझा कर उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया। मिर्जापुर में संदिग्ध वाहन का पीछा करते समय आरोपियों द्वारा कथित फायरिंग की गई, जिस पर जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद अन्य आरोपियों ने सरेंडर कर दिया।

बीट सिस्टम और हाईटेक पुलिसिंग की सफलता

इस पूरे घटनाक्रम में बीट सिस्टम और हाईटेक पुलिसिंग मॉडल की प्रभावशीलता सामने आई। स्थानीय इंटेलिजेंस, डिजिटल सर्विलांस, तकनीकी विश्लेषण और अंतरराज्यीय समन्वय के संयोजन ने जांच को निर्णायक दिशा दी। मिर्जापुर में कानूनी औपचारिकताओं के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसके पश्चात बिलासपुर पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी। लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी को लेकर आधिकारिक पुष्टि शेष है। 3.35 करोड़ की इस बड़ी वारदात के बाद हुई त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस तंत्र सक्रिय, तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख है।

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