जांजगीर-चांपा, 03 सितंबर। ACB Trap Case : जांजगीर-चांपा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते सरकारी स्कूल की प्राचार्य और लिपिक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर वेतन वृद्धि एरियर की राशि जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
एरियर निकालने के बदले मांगी रिश्वत
मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरारी का है। जानकारी के मुताबिक स्कूल के बाबू मनीष राठौर के करीब 80 हजार रुपये के वेतन वृद्धि एरियर की राशि से जुड़ा काम लंबित था। आरोप है कि स्कूल की प्राचार्य अंजुलता सोनी और लिपिक विकास मसीह ने एरियर की राशि निकालने के एवज में मनीष राठौर से रिश्वत की मांग की।
शिकायत मिलते ही ACB ने बिछाया जाल
रिश्वत की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी ACB बिलासपुर को दी। शिकायत की जांच के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की। तय योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देने के लिए भेजा गया।
10 हजार लेते ही दोनों गिरफ्तार
ACB की टीम ने उस वक्त कार्रवाई की, जब प्राचार्य अंजुलता सोनी और लिपिक विकास मसीह ने कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की। रकम लेते ही पहले से तैनात ACB टीम ने दोनों को मौके पर पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
ACB की कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन से संबंधित तथ्यों की पड़ताल कर रही है। ACB अब यह भी जांच कर रही है कि एरियर की राशि से जुड़े काम में और कौन-कौन लोग शामिल थे और रिश्वत मांगने का सिलसिला कब से चल रहा था। मामले में आगे और जानकारी सामने आने की संभावना है।












