CG Crime: रायपुर में 23 जनवरी से 23 अगस्त 2026 तक 26 हत्याएं दर्ज हुईं। कमिश्नरी लागू होने के बावजूद अपराध पर सवाल, RTI से सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा।
रायपुर।CG Crime छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराध का ग्राफ चिंता बढ़ा रहा है। 23 जनवरी से 23 अगस्त 2026 तक महज 8 महीने में हत्या के 26 मामले दर्ज हुए हैं। कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बावजूद हत्या जैसे गंभीर अपराधों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।
यह चौंकाने वाला आंकड़ा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में सामने आया है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय ने 2 सितंबर 2026 को जारी जवाब में माहवार हत्या के मामलों का आंकड़ा उपलब्ध कराया है।
मई और अगस्त सबसे खूनी
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 23 जनवरी से अगस्त 2026 तक हत्या के मामलों की संख्या इस प्रकार रही:
| अवधि | हत्या के मामले |
|---|---|
| 23 जनवरी 2026 | 1 |
| फरवरी | 2 |
| मार्च | 4 |
| अप्रैल | 4 |
| मई | 6 |
| जून | 1 |
| जुलाई | 2 |
| 23 अगस्त तक | 6 |
| कुल | 26 |
आंकड़ों में सबसे ज्यादा चिंता मई और अगस्त को लेकर है। दोनों महीनों में 6-6 हत्या के मामले दर्ज हुए। वहीं मार्च और अप्रैल में 4-4 मामले सामने आए।
यानी उपलब्ध अवधि में हत्या के मामलों का आंकड़ा औसतन हर महीने तीन से अधिक रहा।
कमिश्नरी के बावजूद अपराध पर सवाल
रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर उम्मीदें बढ़ी थीं। लेकिन हत्या के इन आंकड़ों ने अपराध नियंत्रण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हालांकि, RTI के जवाब में पुलिस ने केवल हत्या के मामलों की संख्या उपलब्ध कराई है। इनमें हत्या के कारण, आरोपियों की गिरफ्तारी, जांच की स्थिति और मामलों के निपटारे से जुड़ी विस्तृत जानकारी शामिल नहीं है।
अब सवाल 26 मामलों के आगे का
RTI से सामने आए आंकड़े राजधानी की कानून-व्यवस्था पर बहस को तेज करने के लिए काफी हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि 26 हत्या के मामलों में कितने आरोपियों की गिरफ्तारी हुई? कितने मामलों की जांच पूरी हो चुकी है और कितने मामलों में आरोपियों को सजा तक पहुंचाया गया?
कमिश्नरेट लागू होने के बावजूद अगर राजधानी में हत्या का आंकड़ा लगातार चिंता बढ़ा रहा है, तो सवाल सिर्फ 26 हत्याओं का नहीं, बल्कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिसिंग की दिशा का भी है।











