Law College Fight : लॉ कॉलेज में ‘नेतागिरी’ का खौफ… प्रदर्शन से इनकार पर छात्र की पिटाई, पासआउट युवकों की दबंगई पर उठे सवाल

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बिलासपुर, 13 सितंबर। Law College Fight : न्यायधानी के प्रतिष्ठित डीपी विप्र विधि महाविद्यालय में नए सत्र की शुरुआत के साथ ही छात्रों की सुरक्षा और कॉलेज परिसर में बाहरी लोगों की दखल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कॉलेज के एक नवप्रवेशित छात्र तुषार दुबे पर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने का दबाव बनाया गया। इनकार करने पर करीब दर्जनभर युवकों ने उसके साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कॉलेज कैंपस में भी हलचल बढ़ गई है।

प्रदर्शन से इनकार पर छात्र से मारपीट

पीड़ित छात्र के अनुसार, महेश साहू और अखिलेश नाम के कुछ पूर्व छात्रों ने अपने साथियों के साथ उसे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दबाव बनाया। छात्र ने पढ़ाई का हवाला देते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद नए विद्यार्थियों के बीच डर का माहौल बनने की बात कही जा रही है।

चलती क्लास में घुसने का भी आरोप

कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सुषमा तिवारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ साल पहले कॉलेज से पासआउट हो चुके युवक कथित तौर पर चल रही कक्षाओं में घुसकर नए विद्यार्थियों से इंट्रोडक्शन के नाम पर गतिविधियां कर रहे थे। प्रोफेसरों द्वारा रोकने के बाद भी स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई। प्राचार्या के मुताबिक, इसके बाद कुछ युवकों ने छात्रों को प्रदर्शन में शामिल करने का प्रयास किया और विरोध करने वाले एक छात्र के साथ मारपीट की गई।

पूर्व छात्रों की एंट्री पर लग सकता है बैन

घटना के बाद कॉलेज की अनुशासन समिति ने सख्त रुख अपनाया है। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, विवाद में शामिल बताए जा रहे पूर्व छात्रों के परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। साथ ही संबंधित युवकों की जानकारी स्टेट बार काउंसिल को भेजने की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की बात कही गई है, ताकि उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई पर विचार हो सके।

रैगिंग के एंगल से जांच की मांग

घटना के बाद छात्रों के बीच रैगिंग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि किसी विद्यार्थी पर जबरन किसी गतिविधि में शामिल होने का दबाव बनाया जाता है और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती है, तो इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि वर्षों पहले कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके पूर्व छात्र आखिर किस आधार पर परिसर में आकर नए विद्यार्थियों पर प्रभाव बनाने की कोशिश कर रहे थे।

लिखित शिकायत मिलते ही FIR का दावा

सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि घटना कॉलेज परिसर से जुड़ी है। पुलिस के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन या गवर्निंग बॉडी की ओर से लिखित शिकायत और अधिकृत आवेदन मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल बताए जा रहे अन्य युवकों की पहचान भी की जा रही है।

 

 

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