रायपुर, 12 सितंबर। Raipur City News : छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व तीजा-पोरा तिहार की रौनक शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में देखने को मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आतिथ्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। लोकगीतों की गूंज, पारंपरिक नृत्य, झूलों और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों ने मुख्यमंत्री निवास को पूरी तरह पर्व के रंग में रंग दिया।
लोकगीत और पारंपरिक नृत्य ने बांधा समां
तीजा-पोरा तिहार के आयोजन में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली। महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। आयोजन स्थल पर झूले और पारंपरिक गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
तीजा में मायके और रिश्तों की भावनाओं का रंग
छत्तीसगढ़ में तीजा पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यह पर्व मायके, परिवार और रिश्तों से जुड़ी भावनाओं का प्रतीक माना जाता है। तीजा के अवसर पर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिलता है और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाने की समृद्ध परंपरा रही है।
पोरा तिहार में कृषि और पशुधन का सम्मान
वहीं पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति सम्मान को दर्शाता है। इस पर्व पर मिट्टी से बनाए गए नंदी-बैल और पारंपरिक खिलौनों की पूजा की जाती है। खेती-किसानी से जुड़ी प्रदेश की जीवनशैली और ग्रामीण परंपराओं की झलक पोरा तिहार में खास तौर पर दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री निवास में दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित तीजा-पोरा तिहार समारोह ने प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति, लोककला और पारिवारिक भावनाओं को एक मंच पर ला दिया। महिलाओं की बड़ी भागीदारी और रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम की तस्वीरों और वीडियो में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की यह खूबसूरत झलक देखने को मिली।











