BRICS Summit 2026 PM Modi Proposals: ब्रिक्स देशों को मोदी का संदेश- अगर भविष्य साझा है, तो अधिकार भी साझा होना चाहिए, जानें प्रधानमंत्री ने किन बातों पर दिया जोर

News Power Zone
6 Min Read

BRICS Summit 2026 PM Modi Proposals: पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ की भागीदारी, UN सुरक्षा परिषद सुधार, BRICS रोडमैप और समुद्री कर्मियों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क समेत कई प्रस्ताव रखे।

 

नई दिल्ली।BRICS Summit 2026 PM Modi Proposals भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मुख्य बैठक शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने और ग्लोबल साउथ को फैसले लेने की प्रक्रिया में बराबर भागीदारी देने पर जोर दिया।

 

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने BRICS के लिए कई अहम सुझाव भी रखे। इनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, वैश्विक शासन सुधार का रोडमैप, फैसलों के अमल के लिए नया तंत्र और समुद्री कर्मियों के लिए आपात सहायता नेटवर्क जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।

 

भविष्य साझा है तो अधिकार भी साझा होना चाहिए

 

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की मेजबानी में हो रहे BRICS शिखर सम्मेलन का स्पष्ट संदेश होना चाहिए कि अगर भविष्य साझा है, तो उसे आकार देने का अधिकार भी साझा होना चाहिए।

 

उनके संबोधन का बड़ा फोकस ग्लोबल साउथ की भूमिका पर रहा। मोदी ने कहा कि विकासशील देश वैश्विक संकटों का सामना करने में आगे रहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय निर्णय लेने की प्रक्रिया में उन्हें अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता।

 

ग्लोबल साउथ सिर्फ ‘रूल-टेकर’ नहीं, ‘रूल-शेपर’ बने

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्लोबल साउथ को केवल पहले से बनाए गए नियमों का पालन करने वाला नहीं, बल्कि नए वैश्विक नियमों को आकार देने वाला पक्ष बनना चाहिए।

 

खास तौर पर AI, साइबरस्पेस, बाहरी अंतरिक्ष, बायोटेक्नोलॉजी और महत्वपूर्ण तकनीकों जैसे क्षेत्रों में विकासशील देशों की समान भागीदारी की जरूरत पर उन्होंने जोर दिया।

 

यानी भविष्य की तकनीकों से जुड़े नियम सिर्फ कुछ देशों तक सीमित न रहें, बल्कि उनमें विकासशील देशों की भी प्रभावी भूमिका हो।

 

UN सुरक्षा परिषद में सुधार पर जोर

 

पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार को अब और टालने के बजाय इसे समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही।

 

उन्होंने सुझाव दिया कि इस दिशा में चल रही बातचीत को स्पष्ट परिणामों से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि वैश्विक संस्थाओं में सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

 

BRICS बनाए ग्लोबल गवर्नेंस सुधार का रोडमैप

 

मोदी ने सुझाव दिया कि अगले BRICS शिखर सम्मेलन तक वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार के लिए 10 प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

 

इन प्रस्तावों को आगे चलकर BRICS सुधार रोडमैप का रूप दिया जा सकता है। इसका उद्देश्य वैश्विक संस्थाओं को बदलती दुनिया की जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रभावी और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की दिशा में काम करना है।

 

फैसलों के अमल के लिए नया सिस्टम

 

BRICS की वार्षिक अध्यक्षता बदलने के बावजूद संगठन के काम में निरंतरता बनी रहे, इसके लिए पीएम मोदी ने एक संस्थागत तंत्र बनाने का सुझाव दिया।

 

उन्होंने ट्रोइका के जरिए लिए गए फैसलों पर लगातार फॉलोअप और उनके क्रियान्वयन की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही।

 

सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी का प्रस्ताव

 

मोदी ने BRICS के फैसलों और उनसे जुड़े काम की निगरानी के लिए एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी बनाने का भी सुझाव दिया।

 

इसमें संबंधित नोडल पॉइंट, काम की समय-सीमा और उसकी स्थिति दर्ज की जा सकेगी। इससे अलग-अलग अध्यक्षताओं के दौरान लिए गए फैसलों के अमल पर नजर रखना आसान हो सकता है।

 

समुद्री कर्मियों के लिए इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क

 

प्रधानमंत्री ने वैश्विक समुद्री व्यापार में योगदान देने वाले नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने ‘नाविकों के लिए इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क’ बनाने का प्रस्ताव रखा।

 

इसका उद्देश्य संकट की स्थिति में समुद्री कर्मियों को मेडिकल सहायता, उनके परिवारों तक जरूरी सूचना पहुंचाने और सुरक्षित निकासी में मदद करना है।

 

भारत की BRICS अध्यक्षता में लोगों पर फोकस

 

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता का दृष्टिकोण लोगों पर केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने वाला रहा।

 

उन्होंने मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा।

 

BRICS@20: अब आवाज से प्रभाव की ओर

 

BRICS की 20वीं वर्षगांठ को पीएम मोदी ने संगठन के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि BRICS अब परिपक्वता और बढ़ी हुई जिम्मेदारी के दौर में है। इसी संदर्भ में उन्होंने संगठन के लिए आवाज से प्रभाव की ओर, विशेषाधिकार से साझेदारी की ओर बढ़ने का आह्वान किया।

 

कुल मिलाकर, पीएम मोदी के संबोधन में BRICS को सिर्फ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा का मंच बनाए रखने के बजाय ठोस सुधार और उनके क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दिया। खास बात यह रही कि ग्लोबल साउथ की भागीदारी को उन्होंने भविष्य की वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में रखने की बात कही।

Share This Article