Hartalika Teej Kab Hai: छत्तीसगढ़ में हरतालिका तीज को लेकर महिलाओं के बीच इस बार तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति है। कई जगहों पर 13 सितंबर तो कहीं 14 सितंबर को हरतालिका तीज का व्रत रखने की चर्चा है। खासतौर पर सुहागिन महिलाएं व्रत और पूजा की सही तारीख जानना चाहती हैं। पंचांग के अनुसार इस वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर की सुबह शुरू होकर 14 सितंबर की सुबह तक रहेगी। ऐसे में तिथि के संयोग को समझना जरूरी है।
हरतालिका तीज का व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। छत्तीसगढ़ में भी महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। तिथि की गणना के अनुसार भाद्रपद शुक्ल तृतीया 13 सितंबर को सुबह 7 बजकर 8 मिनट से प्रारंभ होगी और 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगी।
शास्त्रीय गणना के आधार पर 13 सितंबर को तृतीया के साथ द्वितीया का संयोग बन रहा है, जबकि 14 सितंबर को तृतीया के साथ चतुर्थी का संयोग रहेगा। इसी वजह से 14 सितंबर को हरतालिका तीज का व्रत और पूजन करना अधिक उपयुक्त माना जा रहा है।
14 सितंबर को पूजा का शुभ समय
14 सितंबर को हरतालिका तीज के दिन महिलाएं सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का संकल्प ले सकती हैं। सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक पूजा के लिए समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा। इस दौरान शुभ योग भी बन रहे हैं।
जो श्रद्धालु प्रदोष काल में पूजा करने की परंपरा का पालन करते हैं, वे सूर्यास्त के बाद पूजा कर सकते हैं। इस दिन शाम करीब 6:28 बजे के बाद प्रदोष काल शुरू होगा। स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार पूजा के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
छत्तीसगढ़ में तीज को लेकर उत्साह
छत्तीसगढ़ में हरतालिका तीज का विशेष महत्व है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, धमतरी और दूसरे शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी महिलाएं इस पर्व की तैयारी करती हैं। व्रत के साथ पूजा के लिए मिट्टी से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाने, पूजा सामग्री जुटाने और पारंपरिक श्रृंगार की तैयारी की जाती है।
राहुकाल का रखें ध्यान
14 सितंबर को राहुकाल सुबह 7:38 बजे से 9:11 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए पूजा का समय तय करते समय स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त देखना बेहतर रहेगा।
कुल मिलाकर, उपलब्ध पंचांग गणना और तिथि के संयोग के आधार पर 2026 में हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखना अधिक उचित माना जा रहा है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में पंचांग गणना में अंतर हो सकता है, इसलिए छत्तीसगढ़ में श्रद्धालु अपने स्थानीय पंचांग या पुरोहित से भी समय की पुष्टि कर सकते हैं।











