नई दिल्ली, 07 सितंबर। Satya Niketan : दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरने के हादसे को करीब 16-17 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन मलबे में जिंदगी की तलाश अब भी जारी है। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अब हादसे वाली इमारत के साथ-साथ आसपास के भवनों की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में है। MCD ने हादसे से सटी एक इमारत को जर्जर और खतरनाक बताते हुए खाली करने का नोटिस जारी किया है।
6 लोगों की मौत, 11 रेस्क्यू
रेस्क्यू टीमों ने अब तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला है। इनमें से कुछ लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
मालिक समेत अन्य के खिलाफ FIR
सत्य निकेतन हादसे के मामले में पुलिस ने FIR नंबर 153/2026 दर्ज की है। मामला साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ है। FIR में बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत केस दर्ज किया है।
PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत
पुलिस के मुताबिक, हादसे वाली इमारत का इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था। आरोप है कि ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन या निर्माण कार्य चल रहा था। प्रारंभिक तौर पर ढांचा कमजोर होने के कारण इमारत गिरने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
सटी इमारत भी खाली कराने का आदेश
हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे से सटी भवन संख्या 13 को MCD ने जर्जर और खतरनाक बताया है। नोटिस में भवन खाली करने का आदेश दिया गया है। निर्धारित समय में परिसर खाली नहीं करने पर MCD खुद इमारत को गिरा सकती है और इसका खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूले जाने की बात कही गई है।
चार मंजिल से ज्यादा की अवैध इमारतों पर कार्रवाई
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने चार मंजिल से ज्यादा की अवैध निर्माण वाली इमारतों को सील करने का आदेश दिया है। मेयर ने ऐसी इमारतों को बनने देने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
मलबे में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी
मलबे में किसी और के फंसे होने की आशंका को देखते हुए राहत-बचाव टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। मलबे को बेहद सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि अंदर कोई व्यक्ति हो तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। वहीं पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस करने के लिए कई टीमें लगाई हैं। अब जांच में यह पता लगाने पर फोकस है कि 5 मंजिला इमारत आखिर क्यों गिरी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।












