Cleaning Contractors Unemployed : ये है ‘सुशासन’ की सरकार! अब सफाई ठेकेदार होने वाले है बेरोजगार…

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Cleaning Contractors Unemployed : कोरबा नगर निगम के ग्लोबल सफाई टेंडर से स्थानीय सफाई ठेकेदारों पर रोजगार का संकट! विपक्ष ने तंज कसा, कहा- ये है सुशासन की सरकार, अब लोकल ठेकेदार होंगे बेरोजगार।

कोरबा। Cleaning Contractors Unemployed:  शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शहरी क्षेत्र की सफाई का जिम्मा अब बड़े स्तर की कंपनियों को सौंपने की तैयारी है। इसके लिए नगर निगम की एमआईसी ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ग्लोबल टेंडर की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है।

नया सिस्टम लागू हुआ तो शहर की सफाई व्यवस्था का ठेका स्थानीय स्तर से निकलकर बड़े खिलाड़ियों के हाथों में जा सकता है। यही बात अब सियासी बहस का मुद्दा बन गई है।

स्थानीय ठेकेदारों में बेचैनी, विपक्ष ने कसा तंज

नगर निगम के इस फैसले पर विपक्ष ने सरकार और निगम की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए तंज कसा है। विपक्ष का कहना है कि एक तरफ सरकार रोजगार और स्थानीय स्तर पर अवसर बढ़ाने की बात करती है, दूसरी तरफ सफाई जैसे बड़े काम का ग्लोबल टेंडर निकाला जा रहा है।

विपक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा, “ये है सुशासन की सरकार… अब लोकल सफाई ठेकेदार बेरोजगार होने वाले हैं!”

सवाल सिर्फ सफाई का नहीं, रोजगार का भी

शहर की सफाई व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाने के लिए ग्लोबल टेंडर की कवायद कितनी कारगर साबित होगी, यह तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन इस फैसले ने स्थानीय सफाई ठेकेदारों और उनसे जुड़े रोजगार को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

क्या बड़े ठेकेदारों के आने से सफाई व्यवस्था वाकई बेहतर होगी?

क्या स्थानीय ठेकेदारों और उनसे जुड़े लोगों के लिए नए सिस्टम में कोई जगह होगी?

और सबसे बड़ा सवाल, शहर की सफाई का ग्लोबलाइजेशन होगा तो स्थानीय रोजगार का क्या होगा?

अब निगाहें नगर निगम के आगामी टेंडर और उसमें तय होने वाली शर्तों पर हैं। क्योंकि मामला सिर्फ कूड़ा उठाने का नहीं, रोजगार उठने का भी नजर आ रहा है।

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