हैदराबाद, 03 सितंबर। Hyderabad Fake Currency : हैदराबाद में नकली नोटों के एक कथित नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। बालापुर पुलिस और हैदराबाद कमिश्नर टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से 1,124 नकली नोट और करीब 2.91 लाख रुपये का सामान बरामद हुआ है।
दिन में डिलीवरी और ड्राइविंग, रात में नकली नोटों का खेल
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामावत रामू उर्फ मोहम्मद, रामावत मोतीलाल और रामावत गांधी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपी सामान्य काम करते थे। इनमें एक Zomato डिलीवरी वर्कर, दूसरा Rapido ड्राइवर और तीसरा ऑटो रिक्शा चलाता था। पुलिस का आरोप है कि इसी सामान्य पहचान की आड़ में तीनों नकली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश कर रहे थे।
सोशल मीडिया से मिली जानकारी, फिर शुरू हुआ कथित धंधा
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने नकली करेंसी तैयार करने से जुड़ी जानकारी YouTube और Instagram पर मौजूद वीडियो से हासिल की। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर प्रिंटर और दूसरी सामग्री जुटाकर नकली नोट तैयार करने की कोशिश शुरू की। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ऑनलाइन मिले संपर्कों के पीछे कौन लोग थे और क्या इस मामले में आरोपियों के अलावा कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है।
1,124 नकली नोट बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 500, 200 और 100 रुपये के कुल 1,124 नकली नोट बरामद किए हैं। बरामद नकली करेंसी की कुल अंकित कीमत करीब 2 लाख 91 हजार 100 रुपये बताई गई है।
इसके अलावा पुलिस ने नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला कथित प्रिंटिंग सेटअप, कागज और अन्य सामग्री भी जब्त की है। आरोपियों के मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी पुलिस के कब्जे में है।
शराब दुकानों और सब्जी बाजारों में खपाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक आरोपी तैयार किए गए नकली नोटों को एक साथ बड़ी मात्रा में चलाने के बजाय छोटी-छोटी रकम के जरिए बाजार में खपाने की कोशिश करते थे। जांच में शराब दुकानों और सब्जी बाजारों में नकली नोट चलाने की बात सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितनी नकली करेंसी बाजार में पहुंचाई और किन-किन जगहों पर इसका इस्तेमाल किया गया।
एक आरोपी फरार, नेटवर्क की तलाश जारी
मामले में पुलिस ने सुधीर जॉन चेला उर्फ वामशी को कथित सहयोगी बताया है, जो फिलहाल फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। खास तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि नकली नोट बनाने का कथित काम कब से चल रहा था, ऑनलाइन संपर्क किससे हुआ था और इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह तो सक्रिय नहीं है।












