बिलासपुर, 23 अगस्त। Bilaspur Crime News : बिलासपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले कांग्रेस नेता पर कथित सुपारी देकर किए गए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 5 हजार रुपये के इनामी फरार आरोपी को तारबाहर पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने गौरेला से गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
दो दिन पहले घोषित हुआ था 5 हजार का इनाम
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आंचल साहिल बोले उर्फ साहिल सोनकर (23) निवासी समता नगर, गौरेला के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था।
एसएसपी रजनेश सिंह ने दो दिन पहले फरार आरोपियों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि साहिल अपने घर गौरेला आने वाला है। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में हमले की बात कबूलने का दावा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने कांग्रेस नेता पर हमले में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने कथित वारदात में इस्तेमाल डंडा भी बरामद किया है।
इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले में एक अन्य आरोपी और एक नाबालिग को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
हमले के पीछे पुरानी रंजिश का शक
पीड़ित श्याम कश्यप ने पुलिस को बताया है कि उनके बेटे शिशिर कश्यप का अपने मामा नवीन पटेल से जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते नवीन से रंजिश होने की बात कही गई है।
इसके अलावा पुराना बस स्टैंड स्थित एक कॉम्प्लेक्स के मालिक गिरीश पांडेय के कथित अवैध निर्माण के खिलाफ अदालत में याचिका दायर किए जाने की बात भी सामने आई है। पीड़ित ने इन दोनों से रंजिश के चलते हमले की आशंका जताई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
डर के माहौल में परिवार, बेटे ने मांगा गन लाइसेंस
हमले के बाद कांग्रेस नेता का परिवार दहशत में है। सुरक्षा को लेकर उनके बेटे शिशिर कश्यप ने कलेक्टर को आवेदन देकर आत्मरक्षा के लिए गन रखने की अनुमति और शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति से बचने के लिए सुरक्षा जरूरी है। पुलिस कार्रवाई में टीआई रविशंकर तिवारी, एसआई रामनरेश यादव, आरक्षक महेंद्र सोनकर, रूपलाल चंद्रा, भागीरथी गेंदले और साइबर सेल की टीम शामिल रही।












