CG High Court : सरोज पांडेय के 2018 राज्यसभा चुनाव पर फिर सुनवाई…! बैंक अकाउंट की डिटेल पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
शपथपत्र में बैंक खाते की जानकारी छिपाने का आरोप
बिलासपुर, 13 अगस्त। CG High Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय के 2018 के राज्यसभा निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार, 12 अगस्त 2026 को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान उनके कथित बैंक अकाउंट की जानकारी से जुड़ा मामला प्रमुखता से सामने आया। हाईकोर्ट ने बैंक खाते की डिटेल मंगाने के आवेदन पर सरोज पांडेय से दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है। मामले की सुनवाई जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच में हुई।
शपथपत्र में बैंक खाते की जानकारी छिपाने का आरोप
कांग्रेस प्रत्याशी रहे लेखराम साहू ने आरोप लगाया है कि 2018 के राज्यसभा चुनाव के दौरान सरोज पांडेय ने निर्वाचन आयोग को दिए शपथपत्र में एक बैंक खाते की जानकारी कथित रूप से नहीं दी थी।
याचिकाकर्ता का दावा है कि यह खाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से जुड़ा है। इसी मुद्दे को लेकर अब हाईकोर्ट में बैंक खाते से संबंधित रिकॉर्ड कोर्ट के सामने लाने की मांग की गई है। हालांकि, ये आरोप याचिकाकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी अंतिम पुष्टि न्यायालय में होने वाली सुनवाई एवं साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
क्या था 2018 का राज्यसभा चुनाव?
मार्च 2018 में छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनाव हुआ था। इस चुनाव में भाजपा की ओर से सरोज पांडेय और कांग्रेस की ओर से लेखराम साहू उम्मीदवार थे।
चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी ने सरोज पांडेय के नामांकन और शपथपत्र में दी गई जानकारियों पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया था। इसके बाद मामला केंद्रीय चुनाव आयोग और राज्यपाल तक भी पहुंचा, लेकिन चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी और सरोज पांडेय विजयी घोषित हुईं।
चुनाव परिणाम के बाद हाईकोर्ट पहुंचे लेखराम साहू
चुनाव परिणाम के बाद लेखराम साहू ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर सरोज पांडेय के निर्वाचन को चुनौती दी। याचिका में शपथपत्र में कथित गलत या अधूरी जानकारी देने के साथ-साथ कुछ विधायकों को कथित रूप से मतदान की अनुमति दिए जाने को भी आधार बनाया गया है। यह चुनाव याचिका लंबे समय से लंबित है और हाईकोर्ट में इसकी नियमित सुनवाई जारी है।
RTI में बैंक खाते को लेकर क्या सामने आया?
याचिकाकर्ता का आरोप है कि सरोज पांडेय ने राज्यसभा चुनाव के शपथपत्र में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते की जानकारी नहीं दी थी। इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर को बतौर गवाह कोर्ट में बुलाने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, बैंक अधिकारी ने ‘थर्ड पार्टी इंफॉर्मेशन’ का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार किया था।याचिकाकर्ता के मुताबिक, RTI के जरिए मिली जानकारी में कथित बैंक खाते के अस्तित्व से इनकार नहीं किया गया है।
बैंक रिकॉर्ड के लिए कोर्ट का सहारा
सुनवाई के दौरान लेखराम साहू की ओर से दलील दी गई कि सरोज पांडेय पहले ही इस मामले में खुद गवाही देने से इनकार कर चुकी हैं। ऐसे में उनसे क्रॉस-एग्जामिनेशन संभव नहीं है।
याचिकाकर्ता की ओर से Bankers’ Books Evidence Act, 1891 की धारा 6 का हवाला देते हुए कहा गया कि बैंक से संबंधित रिकॉर्ड कोर्ट के माध्यम से मंगाया जा सकता है। अब हाईकोर्ट ने बैंक अकाउंट की डिटेल मांगने वाले आवेदन पर सरोज पांडेय को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली कार्यवाही में बैंक रिकॉर्ड और चुनाव शपथपत्र से जुड़े तथ्यों पर आगे सुनवाई होगी।





