OnePlus 15 में बड़ा बदलाव…! OxygenOS की जगह आएगा ColorOS…भारत में 600 यूजर्स के साथ शुरू हुआ क्लोज्ड बीटा टेस्ट
Beta इंस्टॉल करने से पहले बरतें सावधानी
नई दिल्ली, 11 अगस्त। OnePlus 15 Series यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। कंपनी ने भारत में OnePlus 15 और OnePlus 15R के लिए ColorOS का क्लोज्ड बीटा टेस्ट शुरू कर दिया है। फिलहाल इस टेस्टिंग को सीमित यूजर्स तक रखा गया है, ताकि बड़े स्तर पर रोलआउट से पहले सॉफ्टवेयर की स्थिरता और यूजर एक्सपीरियंस को परखा जा सके।
जानकारी के मुताबिक, OnePlus 15 के लिए करीब 300 और OnePlus 15R के लिए करीब 300 यूजर्स को बीटा टेस्टिंग प्रोग्राम में शामिल किया गया है। यानी शुरुआती चरण में लगभग 600 भारतीय यूजर्स ColorOS को टेस्ट कर रहे हैं।
OxygenOS से ColorOS की ओर बढ़ रहा OnePlus?
इस बीटा प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत OxygenOS से ColorOS की ओर संभावित बदलाव है। योग्य OnePlus डिवाइस पर बीटा सॉफ्टवेयर के जरिए यूजर्स को नए प्लेटफॉर्म का अनुभव दिया जा रहा है।
ColorOS, Oppo का सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है। OnePlus का यह कदम Oppo के साथ इंजीनियरिंग संसाधनों को साझा करने और भविष्य में सॉफ्टवेयर अपडेट को तेजी से उपलब्ध कराने की रणनीति से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, कंपनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि सभी यूजर्स के लिए ColorOS का स्टेबल वर्जन कब जारी किया जाएगा।
चुनिंदा यूजर्स को मिला Early Access
OnePlus ने भारत में OnePlus 15 यूजर्स के एक चुनिंदा समूह को ColorOS क्लोज्ड बीटा के लिए आमंत्रित किया था। इसके लिए 6 और 7 अगस्त को आवेदन लिए गए थे।
बीटा प्रोग्राम के लिए यूजर के पास भारतीय वैरिएंट का OnePlus स्मार्टफोन, रजिस्टर्ड OnePlus Community अकाउंट और जरूरी गोपनीयता समझौता होना आवश्यक था। टेस्टर्स को सॉफ्टवेयर टीम के साथ फीडबैक साझा करने के लिए Telegram ग्रुप से भी जुड़ना होगा।
बीटा वर्जन में आ सकती हैं दिक्कतें
OnePlus ने साफ किया है कि क्लोज्ड बीटा बिल्ड को रोजाना इस्तेमाल के लिए पूरी तरह स्थिर नहीं माना जाना चाहिए। टेस्टिंग के दौरान क्रैश, ऐप कम्पैटिबिलिटी, बग और अन्य तकनीकी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कंपनी ने बीटा टेस्टर्स को जरूरी डेटा का नियमित बैकअप रखने की सलाह दी है।
यूजर्स के फोन में क्या बदलेगा?
ColorOS पर जाने के बाद यूजर्स को इंटरफेस, सेटिंग्स, डिवाइस मैनेजमेंट और सॉफ्टवेयर अपडेट से जुड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि इन बदलावों की पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौजूदा OxygenOS से ColorOS में माइग्रेशन किस तरह होगा, यूजर डेटा कितना सुरक्षित रहेगा और भविष्य में किन OnePlus डिवाइस को ColorOS का सपोर्ट मिलेगा। कंपनी ने अभी तक सभी यूजर्स के लिए ColorOS के स्टेबल रोलआउट की निश्चित तारीख भी घोषित नहीं की है।
Beta इंस्टॉल करने से पहले बरतें सावधानी
अगर आप बीटा सॉफ्टवेयर आजमाने की सोच रहे हैं तो इसे अपने मुख्य या बेहद जरूरी काम वाले फोन में इंस्टॉल करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है। बीटा वर्जन में तकनीकी समस्याओं की संभावना रहती है। जरूरी डेटा का बैकअप रखना और स्थिर वर्जन का इंतजार करना सामान्य यूजर्स के लिए ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
फिलहाल OnePlus 15 और 15R पर शुरू हुआ यह सीमित ColorOS बीटा टेस्ट कंपनी के सॉफ्टवेयर भविष्य की दिशा का संकेत जरूर दे रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कब इसे सभी योग्य यूजर्स के लिए स्टेबल अपडेट के तौर पर जारी करती है।





