नई दिल्ली

NEET विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल…! दीप्ति गौड़ मुखर्जी बनीं नई उच्च शिक्षा सचिव

20 दिन में दो बार बदला उच्च शिक्षा सचिव

नई दिल्ली, 11 अगस्त। NEET : एनटीए और NEET परीक्षा से जुड़े विवादों तथा छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। 1993 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को देश का नया उच्च शिक्षा सचिव (Higher Education Secretary) नियुक्त किया गया है।

यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता और NTA की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नियुक्ति को उच्च शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा तंत्र में भरोसा बहाल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

20 दिन में दो बार बदला उच्च शिक्षा सचिव

मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) के आदेश के मुताबिक केंद्र सरकार ने 23 जुलाई को जारी अपने पूर्व आदेश में आंशिक संशोधन किया है।

NEET विवाद के बीच उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी का तबादला पंचायती राज मंत्रालय में किया गया था। इसके बाद उनकी जगह 1994 बैच के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

हालांकि, कुछ ही दिनों बाद सरकार ने इस व्यवस्था में फिर बदलाव करते हुए अब दीप्ति गौड़ मुखर्जी को उच्च शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी सौंपी है।

कौन हैं दीप्ति गौड़ मुखर्जी?

दीप्ति गौड़ मुखर्जी 1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिलने से पहले वह कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत थीं।

मध्य प्रदेश सरकार में उन्होंने स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों में प्रमुख सचिव के तौर पर भी काम किया है। प्रशासनिक मामलों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।

सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां

उच्च शिक्षा सचिव के रूप में दीप्ति गौड़ मुखर्जी के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी। पहली चुनौती NTA में सुधार: पूर्व ISRO प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों को लागू करना और NTA की विश्वसनीयता मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा।

दूसरी चुनौती परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता: NEET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं को लेकर छात्रों के बीच पैदा हुए अविश्वास को दूर करना और आगामी परीक्षाओं को सुरक्षित एवं पारदर्शी तरीके से आयोजित करना बड़ी जिम्मेदारी होगी।

तीसरी चुनौती विपक्ष के सवाल: परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के मुद्दे पर संसद से लेकर सड़कों तक सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की नीतियों में पारदर्शिता बनाए रखना भी अहम होगा।

कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी

केंद्र सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभार भी बदले गए हैं। पल्लवी जैन गोविल को कॉर्पोरेट मामलों की नई सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, मंत्रिमंडल सचिवालय में OSD रहे सुशील कुमार लोहानी को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) का अध्यक्ष बनाया गया है।

इसके अलावा अर्चना वर्मा को जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वह वी.एल. कांता राव का स्थान लेंगी।

NEET और राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं को लेकर जारी बहस के बीच अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि नई उच्च शिक्षा सचिव के नेतृत्व में NTA और परीक्षा व्यवस्था में कितने बड़े बदलाव किए जाते हैं।

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