Baghel vs Chandrakar : विश्व आदिवासी दिवस पर छत्तीसगढ़ में सियासी संग्राम…! भूपेश बघेल ने साय सरकार को घेरा…तो अजय चंद्राकर ने किया पलटवार
अजय चंद्राकर ने गिनाईं कांग्रेस की नाकामियां
रायपुर, 11 अगस्त। Baghel vs Chandrakar : विश्व आदिवासी दिवस को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार और बीजेपी पर आदिवासी समाज को लेकर निशाना साधा है। बघेल ने सवाल उठाया कि जब देश की राष्ट्रपति आदिवासी महिला हैं और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी आदिवासी हैं, तो फिर विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज को बधाई देने में सरकार पीछे क्यों रही?
बघेल ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था और प्रदेशभर में आदिवासी समाज के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। उनके मुताबिक मौजूदा सरकार में आदिवासी दिवस को लेकर वैसा उत्साह नजर नहीं आया।
‘मुख्यमंत्री एक ट्वीट तक नहीं कर पाए’
बीजेपी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर निशाना साधते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि देश की राष्ट्रपति आदिवासी महिला हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री भी आदिवासी हैं, इसके बावजूद मुख्यमंत्री विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज को एक ट्वीट तक करके बधाई नहीं दे पाए।
बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की निर्णय लेने की स्वतंत्रता सीमित हो गई है और उन्हें अपने कार्यक्रमों के लिए भी ‘ऊपर’ से अनुमति लेनी पड़ती है। उनके इस बयान को बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
आदिवासी दिवस बना राजनीतिक मुद्दा
छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है और यहां विश्व आदिवासी दिवस का सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व काफी बड़ा है। यह दिन आदिवासी समाज की अस्मिता, संस्कृति, परंपरा और अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
बघेल ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था और प्रदेशभर में आदिवासी समाज के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बीजेपी आदिवासी समाज के हितों और प्रतिनिधित्व की बात करती है, तो फिर आदिवासी समाज के महत्वपूर्ण पर्व पर सरकार की प्राथमिकता और सक्रियता क्यों दिखाई नहीं दी?
अजय चंद्राकर का पलटवार
भूपेश बघेल के आरोपों पर बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को यह तय करने के लिए कांग्रेस के मार्गदर्शन की जरूरत नहीं है कि कौन सा दिवस मनाना है और कौन सा नहीं।
चंद्राकर ने कांग्रेस के शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नक्सल समस्या छत्तीसगढ़ में लाकर आदिवासियों को मरवाने के अलावा कांग्रेस ने आदिवासियों के लिए कुछ नहीं किया।
उन्होंने आगे कहा कि जनजाति आयोग का गठन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुआ और उसे कानूनी संरक्षण भी दिया गया। चंद्राकर ने कांग्रेस से सवाल किया कि उसने आदिवासियों के लिए क्या किया?
कांग्रेस-BJP के बीच फिर बढ़ा सियासी टकराव
विश्व आदिवासी दिवस के बहाने एक बार फिर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं। भूपेश बघेल जहां बीजेपी सरकार की आदिवासी नीति और प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के पुराने शासन और नक्सल समस्या को मुद्दा बनाकर पलटवार किया है।
अब विश्व आदिवासी दिवस का मुद्दा महज सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सियासत में कांग्रेस बनाम बीजेपी की नई बहस का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।





