Negligence : 30 जून को मौत…11 अगस्त को आया मैसेज- आप स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं…! दिवंगत आरक्षक के परिवार ने उठाए सिस्टम पर सवाल…अब जांच की मांग
निधन के 42 दिन बाद आया मैसेज
जशपुर/अंबिकापुर, 11 अगस्त। Negligence : सरकारी सिस्टम की लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जशपुर जिले में पुलिस विभाग में पदस्थ रहे एक आरक्षक के निधन के 42 दिन बाद उनके परिजन के मोबाइल पर अस्पताल की ओर से ऐसा संदेश आया, जिसमें लिखा था- ‘हमें खुशी है कि आप स्वस्थ होकर अपने घर जा रहे हैं।’ इस संदेश के सामने आने के बाद दिवंगत आरक्षक की पत्नी ने पूरे सिस्टम पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, जशपुर जिले में स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ सीमा कुजुर के पति देवनारायण राम पुलिस विभाग में आरक्षक थे। तबीयत खराब होने के बाद उन्हें 26 जून 2026 को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 30 जून को उनका निधन हो गया। इसके बाद उनका आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया गया।
लेकिन घटना के करीब 42 दिन बाद, 11 अगस्त को सीमा कुजुर के मोबाइल पर ‘आयुष्मान सारथी’ के नाम से एक संदेश पहुंचा। संदेश में लिखा था- ‘प्रिय देवनारायण राम जी, हमें खुशी है कि आप स्वस्थ होकर अपने घर जा रहे हैं।’
यह संदेश देखकर परिवार हैरान रह गया। सीमा कुजुर ने कहा कि जिस परिवार ने अपना सदस्य खो दिया हो, उसके लिए इस तरह का संदेश बेहद आहत करने वाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके पति का निधन 30 जून को हो चुका था और मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी हो चुका है, तो 42 दिन बाद उन्हें स्वस्थ होकर घर जाने का संदेश कैसे भेजा गया?
सिस्टम की चूक पर जांच की मांग
दिवंगत आरक्षक की पत्नी ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि आखिर किस स्तर पर डेटा या रिकॉर्ड में गड़बड़ी हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की गई है।
अस्पताल अधीक्षक ने कहा- ऑटो जनरेट होता है मैसेज
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरसी आर्या ने बताया कि आयुष्मान सारथी के माध्यम से मरीजों को ऑटो जनरेटेड संदेश भेजे जाते हैं। कई बार इन संदेशों में समय लग सकता है। केस क्लोज होने के बाद सिस्टम से संदेश स्वतः भेजे जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले में ऐसा कैसे हुआ, यह जांच का विषय है। पूरे प्रकरण का परीक्षण कराया जाएगा और यह पता लगाया जाएगा कि किस स्तर पर चूक हुई। इसके बाद रिपोर्ट ली जाएगी।
क्या है आयुष्मान सारथी?
आयुष्मान सारथी, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने वाला आधिकारिक डिजिटल माध्यम है। इसके जरिए लाभार्थियों को मोबाइल पर स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जानकारी और संदेश मिलते हैं।
इस मामले ने अस्पतालों के डेटा एंट्री, डिजिटल रिकॉर्ड और सरकारी पोर्टल पर दर्ज मरीजों की जानकारी की सटीकता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का कहना है कि किसी दिवंगत व्यक्ति को रिकॉर्ड में स्वस्थ या डिस्चार्ज दिखाकर संदेश भेजना सिर्फ तकनीकी चूक नहीं, बल्कि बेहद संवेदनशील मामला भी है। अब देखना होगा कि जांच में यह गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।




