रायपुर

Tender Scam : ₹2549 करोड़ के गरियाबंद टेंडर पर घमासान…! दिलीप बिल्डकॉन को ठेका देने पर उठे सवाल…मामला हाईकोर्ट पहुंचा


गरियाबंद, 03 अगस्त। Tender Scam : छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग की करीब ₹2549.86 करोड़ की महत्वाकांक्षी सिकासार जलाशय (गरियाबंद) से कोडर जलाशय (महासमुंद) पाइपलाइन परियोजना का टेंडर विवादों में घिर गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिलीप बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड को निविदा की अनिवार्य शर्तें पूरी किए बिना पात्र मान लिया गया। मामला अब हाईकोर्ट पहुंच चुका है, जिसने राज्य शासन से जवाब तलब किया है।

क्या हैं आरोप?

याचिका के अनुसार टेंडर की शर्तों में स्पष्ट था कि, जॉइंट वेंचर (JV) का अनुभव मान्य नहीं होगा। बोली लगाने वाली कंपनी के पास प्राइम कॉन्ट्रैक्टर के रूप में स्वयं के नाम का अनुभव होना जरूरी था। आरोप है कि दिलीप बिल्डकॉन ने पात्रता के लिए गांधी सागर-2 मल्टी विलेज स्कीम का अनुभव प्रस्तुत किया, जबकि यह परियोजना कथित तौर पर DBL-SIPL जॉइंट वेंचर के तहत पूरी की गई थी।

वित्तीय पात्रता पर भी सवाल

याचिका में दावा किया गया है कि परियोजना लागत: ₹2549.86 करोड़, आवश्यक अनुभव: कम से कम 50% यानी ₹1274.93 करोड़, प्रस्तुत परियोजना की लागत: ₹1302.29 करोड़, कथित हिस्सेदारी: 65% (लगभग ₹846.48 करोड़) याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह अनुभव निर्धारित पात्रता से काफी कम है।

रात में बिड खोलने पर भी उठे सवाल

दस्तावेजों के हवाले से दावा किया गया है कि 27 जुलाई 2026 को रात 10:16 बजे वित्तीय बिड खोली गई और उसी दौरान मूल्यांकन प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई। याचिका में इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए हैं।

हाईकोर्ट में क्या हुआ?

टेंडर प्रक्रिया को चुनौती देते हुए दायर याचिका में पूरे टेंडर को रद्द करने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई के बाद आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

परियोजना की अहम जानकारी

  • परियोजना: पैरी लिंक नहर/सिकासार-कोडर पाइपलाइन परियोजना
  • अनुमानित लागत: ₹2549.86 करोड़
  • विभाग: जल संसाधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन
  • निर्माण अवधि: 30 महीने
  • विवाद: पात्रता, अनुभव और टेंडर प्रक्रिया को लेकर

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