
कोरबा। Korba Rampur Liquor Shop Shift रामपुर शराब दुकान की शिफ्टिंग ने भाजपा के भीतर ही सियासी गर्मी बढ़ा दी है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार आमने-सामने विपक्ष नहीं, बल्कि पार्टी के दो बड़े चेहरे नजर आ रहे हैं।
प्रशासन ने रामपुर की शराब दुकान को बरबसपुर में स्थानांतरित करने का फैसला कराया। लेकिन जैसे ही बरबसपुर में दुकान खोलने की तैयारी शुरू हुई, ग्रामीण विरोध में उतर आए। विरोध को उस वक्त और ताकत मिल गई जब प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकी राम कंवर खुद ग्रामीणों के समर्थन में मैदान में उतर आए और शराब दुकान खोले जाने का खुलकर विरोध कर दिया।
अब हालात ऐसे हैं कि एक ओर प्रशासन के फैसले को जनमानस मंत्री लखन लाल देवांगन के समर्थन से जोड़कर देख रहे है तो दूसरी ओर ननकी राम कंवर के विरोध की। भाजपा के भीतर इस मुद्दे पर बने अलग-अलग सुर राजनीतिक गलियारों में खूब चटखारे लेकर सुने जा रहे हैं।
शहर से लेकर गांव तक लोग तंज कसते हुए पूछ रहे हैं, एक तरफ लखन, दूसरी तरफ ननकी राम… आखिर शराब दुकान खुलेगी कहां?”
फिलहाल फैसला प्रशासन के पाले में है, लेकिन इस सियासी खींचतान ने एक शराब दुकान को भाजपा की अंदरूनी राजनीति का नया अखाड़ा जरूर बना दिया है। अब देखना यह है कि सरकार अपने फैसले पर अडिग रहती है या फिर ग्रामीणों के विरोध और ननकी राम कंवर के दबाव के आगे नया रास्ता तलाशती है।






