BreakingFeaturedराजनीति

Sonam Wangchuk hunger strike: हम सदन में चर्चा के लिए तैयार हैं: नड्डा, सोनम वांगचुक का वीडियो संदेश के बाद प्रेस कांफ्रेंस में बोले केंद्रीय शिक्षा मंत्री, खत्म होगा वांगचुक अनशन?

ready for discussion in parliament- nadda addresses press conference after sonam wangchuk video message


Sonam Wangchuk hunger strike: नई दिल्ली। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना पहला वीडियो संदेश जारी किया है। वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार छात्रों पर बल प्रयोग और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर आश्वासन देती है तो वह आज ही अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं।

 

 

 

Sonam Wangchuk hunger strike: इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कांफ्रेंस में सरकार का पक्ष रखा। जेपी नड्डा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, हम चर्चा के लिए तैयार हैं , सारे पहलुओं पर चर्चा होनीं चाहिए। नड्डा ने कहा, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं आप selective क्यों हैं, आप पॉलिटिकल माइलेज क्यों लेना चाहते उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप पर लगाते हुए कहा कि वह इस मामले में सिर्फ राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं।

 

 

 

Sonam Wangchuk hunger strike: पेपर लीक का मुद्दा गंभीर, गहन चर्चा की जरूरत

 

 

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पेपर लीक के मुद्दे पर कहा कि छात्रों की मांग और उनके द्वारा उठाया गया पेपर लीक का मुद्दा गंभीर है। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं अपील करता हूं कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और इससे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश भी उचित नहीं है। यह एक गंभीर समस्या है, जिस पर गहन चर्चा की आवश्यकता है।

 

 

 

Sonam Wangchuk hunger strike: नेताओं की अपील के बाद सरकार के सामने रखी शर्त

 

 

 

वांगचुक ने साझा किया कि कई दिग्गज नेता उनसे अनशन खत्म करने की अपील करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, अब भी मेरे पास बहुत से नेता अनशन तुड़वाने की अपील लेकर आए, इनमें सत्तारूढ़ दल के मंत्री भी शामिल थे। लगभग 65 सांसदों ने हस्ताक्षर कर और यहां आकर मुझसे अपील की कि मैं अनशन तोड़ दूं और वापस देश सेवा में लग जाऊं। मैं खुद भी ऐसा ही करना चाहता हूं, मेरे लिए मेरा काम बहुत जरूरी है।

 

 

Sonam Wangchuk hunger strike: मगर मैं सरकार से विनती करता हूं कि वह बच्चों पर इस तरह बल प्रयोग न करे। दूसरी बात, उन पर ऐसे आरोप और एफआईआर दर्ज न की जाएं, जिनके जरिए उन्हें पुलिस या जेल के माध्यम से परेशान किया जा सके। मुझे इसका आश्वासन चाहिए। अगर यह आश्वासन जल्द मिल जाता है, तो मैं आप सभी की और यहां आए सभी नेताओं की बात का सम्मान करते हुए आज ही अपना अनशन तोड़ दूंगा। लेकिन अगर ऐसा कोई आश्वासन नहीं मिलता है, तो बदकिस्मती से मुझे अपना यह अनशन जारी रखना पड़ेगा। जय हिंद।”

Related Articles

Back to top button