
कोरबा।Raj Jewellers Robbery Korba छुरी के राज ज्वेलर्स में दिनदहाड़े हुई लूट की कोशिश ने पूरे जिले को हिला दिया था। चेहरे पर गमछा, एक आरोपी महिला के भेष में, हाथ में देशी कट्टा और आंखों में मिर्च झोंकने की तैयारी… सब कुछ किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा था। लेकिन बदमाशों की यह चाल ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। घटनास्थल पर छूटी चोरी की मोटरसाइकिल, देशी कट्टा और 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज आखिरकार उन्हें पुलिस तक ले आई।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इस वारदात की पटकथा जेल की सलाखों के पीछे लिखी गई थी। हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर मामलों में जेल जा चुके तीन अपराधियों ने वहीं दोस्ती की, बाहर निकलने के बाद लूट की योजना बनाई और फिर राज ज्वेलर्स को निशाना बना डाला।
रविवार को पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड में शामिल गोपाल सिंह गोंड और परदेशी राठिया को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। वहीं तीसरा आरोपी विष्णु प्रसाद राठिया अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
ग्राहक बनकर पहुंचे, फिर तान दिया कट्टा
1 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे तीनों आरोपी बिना नंबर प्लेट की चोरी की मोटरसाइकिल से राज ज्वेलर्स पहुंचे। चेहरों पर गमछा बांधे इन बदमाशों में एक आरोपी महिला के भेष में था, ताकि किसी को शक न हो।
पहले चांदी की अंगूठी दिखाने के बहाने दुकानदार को काउंटर तक बुलाया गया। अचानक एक आरोपी ने दुकान का दरवाजा बंद कर दिया, जबकि दूसरे ने देशी कट्टा निकालकर व्यापारी की छाती पर तान दिया। मिर्च पाउडर डालकर विरोध करने की क्षमता खत्म करने की कोशिश की गई और तीसरा आरोपी बैग में जेवर भरने लगा।
लेकिन बाहर लोगों की आहट मिलते ही तीनों के हाथ-पांव फूल गए। भागने की जल्दबाजी में वे अपना देशी कट्टा और चोरी की मोटरसाइकिल घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गए।
100 से ज्यादा CCTV फुटेज और जंगलों तक चली तलाश
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम बनाई गई। शहर और आसपास लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। साइबर सेल की तकनीकी जांच, मुखबिर तंत्र और लगातार फील्ड ऑपरेशन के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
जांच में सामने आया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए जंगलों के रास्ते भाग रहे थे। पुलिस ने जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर और अंबिकापुर तक लगातार दबिश दी। आखिरकार तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया। शुरुआती पूछताछ में दोनों गुमराह करते रहे, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने उनकी कहानी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और उन्होंने अपना अपराध कबूल कर लिया।
जेल में बनी गैंग, बाहर आते ही पहला बड़ा निशाना
पूछताछ में पुलिस के सामने सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि तीनों आरोपी पहले अलग-अलग गंभीर अपराधों में जेल जा चुके थे। जेल में ही उनकी दोस्ती हुई और वहीं उन्होंने रिहा होने के बाद बड़ी लूट की योजना बनाई। बाहर निकलते ही चोरी की मोटरसाइकिल, देशी कट्टा और पूरी रेकी के बाद राज ज्वेलर्स को निशाना बनाया गया।
तीसरे आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। वहीं फरार आरोपी विष्णु प्रसाद राठिया की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे ऑपरेशन में कटघोरा थाना, साइबर सेल और विशेष टीम की भूमिका अहम रही।






