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Korba Breaking: अब आसमान से होगी रेत माफियाओं की निगरानी… ड्रोन ने पकड़ी जेसीबी, थर्मल कैमरे से रात में भी नहीं बचेंगे खनन माफिया

कोरबा। Korba Illegal Sand Mining Drone Action जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने अब हाईटेक रणनीति अपनाते हुए खनन माफियाओं पर बड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ड्रोन और जल्द ही थर्मल इमेजिंग तकनीक की मदद से अब दिन ही नहीं, रात के अंधेरे में भी अवैध खनन करने वालों की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।

 


कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश और उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में शुक्रवार को खनिज विभाग की उड़नदस्ता टीम ने कोरबा शहर से लगे सीतामढ़ी क्षेत्र में हसदेव नदी पर ड्रोन के जरिए औचक निगरानी अभियान चलाया। अभियान के दौरान ड्रोन कैमरे में नदी के भीतर अवैध रेत उत्खनन करती एक जेसीबी की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं।
ड्रोन से लगातार ट्रैकिंग करते हुए टीम ने वाहन की लोकेशन इमलीडुग्गू तक चिन्हित की। इसके बाद मौके पर पहुंची खनिज विभाग की टीम ने दबिश देकर अवैध उत्खनन में लगी एक जेसीबी और अवैध रेत परिवहन कर रहे एक टीपर को जब्त कर लिया। दोनों वाहनों को खनिज जांच चौकी, उरगा की अभिरक्षा में रखा गया।

इसी अभियान के दौरान राताखार क्षेत्र में अवैध रूप से रेत परिवहन करते मिले एक ट्रैक्टर को भी जब्त कर रामपुर थाना की अभिरक्षा में सौंप दिया गया। इस तरह एक ही दिन में तीन वाहनों पर कार्रवाई कर विभाग ने खनन माफियाओं को सख्त संदेश दिया है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए आधुनिक तकनीकों का लगातार उपयोग किया जाएगा। अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 सहित अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
सहायक खनि अधिकारी राकेश वर्मा ने बताया कि अब ड्रोन निगरानी नियमित रूप से की जाएगी। इसके साथ ही रात के समय चोरी-छिपे खनन और परिवहन करने वालों पर नजर रखने के लिए थर्मल इमेजिंग तकनीक का भी इस्तेमाल होगा। ड्रोन में रिकॉर्ड हुए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर भागने या वाहन छिपाने की कोशिश करने वाले भी कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे।

खनिज विभाग ने आम नागरिकों से भी अवैध खनन की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व की रक्षा के लिए यह हाईटेक अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त कार्रवाई की।

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