बिलासपुर

Embezzlement : कोरबा ट्राइबल विभाग गबन मामले में जनहित याचिका खारिज…! हाईकोर्ट ने जांच पर जताया भरोसा

4.95 करोड़ गबन केस, हाईकोर्ट ने PIL खारिज की

बिलासपुर, 17 जून। Embezzlement : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा जिले में आदिवासी विकास विभाग में हुए निर्माण कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है।

अदालत ने कहा कि मामले में पहले से एफआईआर दर्ज है और पुलिस जांच जारी है, ऐसे में न्यायालय के लिए जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

याचिकाकर्ता जितेंद्र साहू ने आरोप लगाया था कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में कोरबा जिले के आदिवासी छात्रावासों और आश्रमों के निर्माण कार्यों में लगभग 4.95 करोड़ रुपये के गबन और अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। याचिका में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत से चार निजी फर्मों को निर्माण कार्यों के आदेश दिए जाने का भी आरोप लगाया गया था।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमित सोनी ने अदालत से मांग की थी कि मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और लोक सेवकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएं। वहीं, राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने अदालत को बताया कि मामले से संबंधित अपराध पहले ही कोरबा के सिविल लाइन थाना में दर्ज किया जा चुका है। पुलिस जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

मामले में राज्य सरकार का पक्ष सुनने तथा उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब किसी प्रकरण में विधिवत एफआईआर दर्ज हो चुकी हो और सक्षम जांच एजेंसी मामले की जांच कर रही हो, तब न्यायालय के लिए जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना न्यायसंगत नहीं है।

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