बिलासपुर

Hasdeo River Sand Mining : बिलासपुर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला…! बिना Final DSR रेत खनन टेंडर रद्द

हथनेवरा रेत खदान का टेंडर कैंसिल

बिलासपुर, 18 मई। Hasdeo River Sand Mining : हसदेव नदी से रेत उत्खनन को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवीन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम हथनेवरा में रेत खनन के लिए जारी टेंडर को निरस्त कर दिया है।

कोर्ट ने साफ कहा कि बिना अंतिम जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) के किसी भी रेत खदान की नीलामी नहीं की जा सकती। सिर्फ ड्राफ्ट रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड कर देना पर्याप्त नहीं माना जाएगा। कानून के मुताबिक रिपोर्ट पर जनता से आपत्तियां लेना और उसके बाद सक्षम अधिकारी से अंतिम मंजूरी जरूरी है।

हथनेवरा रेत खदान का टेंडर कैंसिल

दरअसल, जांजगीर-चांपा प्रशासन ने 30 मार्च 2026 को रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी। आरोप था कि पांच साल पुरानी जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर टेंडर जारी कर दिया गया। इसके खिलाफ ग्राम पंचायत हथनेवरा के सरपंच ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पूरी प्रक्रिया को चुनौती दी थी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2025 की नई रिपोर्ट तैयार कर 27 नवंबर 2025 को ऑनलाइन अपलोड की जा चुकी थी और टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। सरकार ने दलील दी कि रोक लगाने से राजस्व का नुकसान होगा।

हालांकि, हाई कोर्ट ने पाया कि सरकार जिस रिपोर्ट का हवाला दे रही है, वह केवल ड्राफ्ट DSR थी, जिसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली थी। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि बिना अंतिम DSR के रेत खनन की अनुमति देना नियमों के खिलाफ है।

डिवीजन बेंच ने हथनेवरा रेत खदान का टेंडर रद्द (Hasdeo River Sand Mining) करते हुए राज्य सरकार को नियमों के तहत नई DSR मंजूर कर दोबारा टेंडर जारी करने की छूट दी है। साथ ही प्रशासन को अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की स्वतंत्रता भी दी गई है।

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