बिलासपुर

Phil Coal Group : चेयरमैन प्रवीण झा पर टैक्स चोरी के आरोप…! 11 करोड़ रुपये टैक्स किया सरेंडर…आयकर और GST विभाग की जांच जारी

महंगी गाड़ियों के लिए चौंकाने वाली जानकारी

बिलासपुर, 13 फरवरी। Phil Coal Group :बिलासपुर और रायगढ़ के कोल कारोबारी प्रवीण झा, जो कि फील कोल ग्रुप के चेयरमैन हैं, पर टैक्स चोरी और व्यापारिक गफलत के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। प्रवीण झा का कोल वाशरी के अलावा रायगढ़ जिले के घरघोड़ा में बड़ा कोल डिपो है और वे भाजपा पार्टी से जुड़े हुए हैं। व्यापारिक सफलता के अलावा वे सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय हैं, जैसे कि उनकी निःशुल्क अयोध्या दर्शन योजना और छठ घाट पूजा समिति में सक्रिय भागीदारी।

हालांकि, पिछले कुछ समय से उन पर कारोबार में गफलत और टैक्स चोरी के आरोप लग रहे हैं। पिछले दिनों रायगढ़ के धरमजयगढ़ स्थित उनके कोल डिपो में राज्य सरकार के खनिज और राजस्व विभाग ने जांच की थी, जिसमें कई खामियां पाई गईं थीं। इसके बाद उनके फर्म पर भारी पेनाल्टी लगाई गई थी। इसके बाद दिसंबर 2025 में जीएसटी विभाग ने बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की सूचना पर फील कोल ग्रुप के ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान यह पाया गया कि जितनी गाड़ियां कोल परिवहन में लगी थीं, उससे कहीं कम टैक्स भरा जा रहा था।

महंगी गाड़ियों के लिए चौंकाने वाली जानकारी

टीम ने स्टॉक, खरीदी-बिक्री, वाश कोल, कच्चा कोल, रिजेक्ट व रिफाइंड कोल की जांच की और भारी अंतर पाया। जांच के बाद फील कोल ग्रुप ने 11 करोड़ 11 लाख रुपये का टैक्स सरेंडर किया था। हालांकि, विभाग ने कहा था कि टैक्स सरेंडर करने से टैक्स चोरी की पुष्टि होती है, और अब इस मामले में वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

इसके बाद, आयकर विभाग भी सतर्क हो गया और दो माह पहले आयकर विभाग ने उनके सभी ठिकानों पर दबिश दी थी। आयकर विभाग की टीम ने उनके वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान यह भी सामने आया कि कोल कारोबार में कच्चे कोल और वाश कोल को मिलाकर प्लांटों में सप्लाई किया जाता था, जिससे टैक्स चोरी की संभावना जताई जा रही है।

साथ ही, फील कोल ग्रुप के चेयरमैन प्रवीण झा को महंगी गाड़ियों का शौक भी है। हाल ही में उन्होंने एक विदेशी हमर ईवी गाड़ी खरीदी है, जिसकी कीमत तीन से चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस गाड़ी को श्रीलंका से लाकर उनके काफिले में शामिल किया गया है, क्योंकि श्रीलंका में राइट साइड ड्राइविंग सीट को बदलने की अनुमति है, जबकि भारत में ऐसा नहीं होता। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है और व्यापार में गफलत एवं टैक्स चोरी से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

 

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