
रायपुर: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री Vijay Sharma ने शुक्रवार को Naya Raipur स्थित Samvad Auditorium में आयोजित प्रेस वार्ता में गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सरकार गठन के बाद सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ अग्रणी
गृहमंत्री ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आईसीजेएस (Inter-Operable Criminal Justice System) के तहत पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक, जेल और न्यायालय को एकीकृत किया गया है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
दुर्ग और बिलासपुर जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पांचों स्तंभों का सफल एकीकरण कर उन्हें मॉडल जिले के रूप में विकसित किया गया है। ई-साक्ष्य व्यवस्था लागू होने से जांच प्रक्रिया में तेजी आई है और साक्ष्य संकलन आसान हुआ है।
पुलिस आधुनिकीकरण और डिजिटल पहल
सीसीटीएनएस के माध्यम से मेडलीपार, ई-साक्ष्य, ई-समन, ऑनलाइन एफआईआर, ई-साइन, ई-कोर्ट और ई-श्रुति जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए आठ बैंकों से एमओयू कर सैलरी अकाउंट पर बिना प्रीमियम बीमा सुविधा दी जा रही है। अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को 16 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।
ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली
राज्यभर में दर्ज एफआईआर की मॉनिटरिंग और विश्लेषण के लिए नई एप विकसित की गई है। पुलिस मुख्यालय में ऑनलाइन कंप्लेंट मैनेजमेंट पोर्टल शुरू होने से डाक प्रक्रिया समाप्त हुई है और शिकायतों का त्वरित निराकरण संभव हो सका है।
अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई
अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है। सूचना संकलन के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया गया, जिसके आधार पर 34 लोगों को विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत निष्कासित किया गया। जांच के लिए होल्डिंग सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2025 में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने पहली बार कार्रवाई दर्ज की।
गौवंश संरक्षण और नशा विरोधी अभियान
प्रदेश में गौवंश वध और अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 142 वाहन राजसात किए गए और 27 वाहनों की नीलामी की गई। 19 आदतन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत निगरानी खोली गई है।
नशे के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा, एमडीएमए, हेरोइन, ब्राउन शुगर और डोडा जब्त कर नष्ट किया गया। संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की गई है।
साइबर अपराध और ऑनलाइन जुआ पर सख्ती
ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में संदिग्ध खातों को सीज किया गया और 165 फर्जी सिम संचालकों को गिरफ्तार किया गया। 255 अवैध ऑनलाइन गैम्बलिंग लिंक और पोर्टल ब्लॉक किए गए।
रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव, कबीरधाम, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, जशपुर और धमतरी जिलों में साइबर थानों का संचालन शुरू किया गया है।
नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में पहल
गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना सरकार की प्राथमिकता है। पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और कई माओवादी मुख्यधारा में लौटे हैं। पुनर्वासित युवाओं को प्रशिक्षण, 5जी मोबाइल, शैक्षणिक भ्रमण और सामूहिक विवाह जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित किया है।
जेल सुधार और पुनर्वास
राज्य की चार केंद्रीय जेल—रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर—को आईएसओ प्रमाणन मिला है। केंद्रीय जेल अंबिकापुर में सरगुजा स्कूल ऑफ आर्ट्स के माध्यम से बंदियों को कला और योग प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रायपुर केंद्रीय जेल में ‘उमंग-तरंग’ रेडियो स्टेशन संचालित है।
बंदियों के कौशल विकास के लिए मसाला निर्माण, ऑयल एक्सट्रेक्शन, एलईडी बल्ब निर्माण और पेट्रोल पंप संचालन जैसे उद्योग स्थापित किए गए हैं।
प्रेस वार्ता में एसीएस गृह मनोज पिंगुआ, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, सचिव हिमशिखर गुप्ता, एडीजी अमित कुमार, एडीजी एसआरपी कल्लूरी, एडीजी विवेकानंद, एडीजी प्रदीप गुप्ता और आईजी ध्रुव गुप्ता उपस्थित रहे।



