Maoist Surrender : दक्षिण बस्तर में भरोसे की जीत…! 51 माओवादी कैडरों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
1.61 करोड़ के इनामी माओवादी मुख्यधारा में लौटे
रायपुर, 07 फरवरी। Maoist Surrender : छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। दक्षिण बस्तर के बीजापुर जिले में 30 और सुकमा जिले में 21 माओवादी कैडरों, कुल 51 माओवादियों ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन के तहत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादी कैडरों पर कुल 1 करोड़ 61 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि हथियारों का परित्याग कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास व्यक्त करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी विकास ही किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालिक भविष्य की मजबूत नींव होते हैं।
हथियार छोड़े, लोकतंत्र अपनाया
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आत्मसमर्पण सरकार द्वारा बस्तर क्षेत्र में लगातार किए जा रहे सुरक्षा और विकास प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। बीते दो वर्षों में बस्तर के दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है। इन विकासात्मक पहलों ने भटके हुए युवाओं को हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतांत्रिक और सामाजिक जीवन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सुशासन आधारित नीति का केंद्र बिंदु केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि विश्वास का निर्माण, प्रभावी पुनर्वास और भविष्य की संभावनाएं तैयार करना है। आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प और राज्य सरकार के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर आज भय और हिंसा के वातावरण से बाहर निकलकर विश्वास, विकास और नए अवसरों की ओर तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बस्तर एक शांत, समृद्ध और विकसित क्षेत्र के रूप में देश के सामने नई पहचान स्थापित करेगा।



