Folk Festival : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोवा में आदि लोकोत्सव में जनजातीय गौरव और संस्कृति को किया सम्मानित
25 वर्षों से सांस्कृतिक चेतना को संजो रही गोवा सरकार
रायपुर/गोवा, 09 जनवरी। Folk Festival : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए इसे लोकसंस्कृति, जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का जीवंत संगम बताया। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि आदि लोकोत्सव भारत की आदिम संस्कृति से जुड़ने का सशक्त माध्यम है, जो देश की लोक-सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखता है। उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्र और परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान को सहेजती हैं।
25 वर्षों से सांस्कृतिक चेतना को संजो रही गोवा सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस लोकोत्सव के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना को संरक्षित कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित होगा।
जनजातीय महापुरुषों के योगदान को किया नमन
मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती देकर इतिहास रच दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जबलपुर में निर्मित भव्य संग्रहालय उनके शौर्य की अमिट स्मृति है।
छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों का स्मरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय समाज से संबंधित है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर और गेंद सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।
उन्होंने बताया कि जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने के लिए नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर किया। मुख्यमंत्री ने सभी को छत्तीसगढ़ आकर संग्रहालय देखने का आमंत्रण दिया।
समावेशी विकास की मिसाल है जनजातीय नेतृत्व
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि देश के सर्वोच्च पद पर आज जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति के रूप में आसीन हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में जनजातीय समाज से मुख्यमंत्री का नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी की समावेशी सोच को दर्शाता है।
उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
नक्सलवाद से विकास की ओर छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में थी, लेकिन अब राज्य तेजी से बदल रहा है। नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और छत्तीसगढ़ शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो छत्तीसगढ़ के आर्थिक भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।



