Ex CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला…! ACB और EOW पर कानून और न्यायालय को नजरअंदाज करने का आरोप

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Former CM

रायपुर, 12 अक्टूबर। Ex CM और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने आज प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ की जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की जांच एजेंसियां लोकतंत्र की मूलभूत संरचना को चोट पहुँचा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों का काम सिर्फ झूठे साक्ष्य गढ़ना और राजनीतिक मुकदमेबाजी करना बन गया है।

भूपेश बघेल ने कहा, जांच एजेंसियां पहले से ही फैसला लिखकर रखती हैं कि कौन दोषी है। अदालत में आप क्या सफाई देंगे, इसका कोई मतलब नहीं रह गया है। लोकतंत्र का ढांचा लड़खड़ा गया है।

जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि हाल ही में कोयला घोटाले के आरोपियों के खिलाफ कलमबंद बयान में छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान न्यायधीश के सामने खोलने के बजाय सरकार के अधिकारियों ने खोल दिया और उसमें कई पेजों के फोंट अलग-अलग थे। दो दिनों के अंदर 25 पेज का बयान लिया गया, जो सामान्य प्रक्रिया के बिल्कुल खिलाफ है।

भूपेश बघेल ने यह भी बताया कि वह बयान लिफाफे में बंद होकर अदालत में प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, लेकिन उससे पहले ही वह मीडिया हाउसों के पास पहुँच गया। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी भी मीडिया हाउस ने यह क्यों नहीं पूछा कि यह लीक कैसे हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, यह कोई नया मामला नहीं है, पहले भी ऐसा होता रहा है। शिकायत करने के बाद भी यह सब जारी है। इसका मतलब है कि ACB और EOW को कानून और न्यायालय का कोई डर नहीं है। वे जो चाहे कर सकते हैं।

भूपेश बघेल ने सरकार से अपील की कि जांच एजेंसियों की निष्पक्षता और स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए ताकि जनता का न्याय में भरोसा बना रहे।

यह बयान राजनीतिक और न्यायिक गलियारों में नया सियासी विवाद पैदा कर सकता है। जांच एजेंसियों पर लगे इन आरोपों से राज्य में शासन-प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठेंगे और भविष्य में जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी बहस तेज हो सकती है।

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