Dirty Manager : धर्म की आड़ में रचा गया शोषण का जाल…बाबा चैतन्यानंद सरस्वती की गिरफ्तारी ने खोले दुबई कनेक्शन सहित कई सनसनीखेज राज…

News Power Zone
3 Min Read
Dirty Manager
आगरा, 01 सितंबर। Dirty Manager : धर्मगुरु की आड़ में मानव तस्करी, छात्राओं का यौन शोषण और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका आगरा में गिरफ्तार बाबा चैतन्यानंद सरस्वती का मामला अब एक बहुस्तरीय अपराध का रूप ले चुका है। व्हाट्सएप चैट्स, फर्जी पहचान पत्र, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और मालिकाना संपत्तियों से जुड़े खुलासों ने पूरे देश को हिला दिया है।

दुबई के शेख के लिए ‘कॉलेज गर्ल्स’ सप्लाई की पेशकश

बाबा के फोन से बरामद व्हाट्सएप चैट्स में एक चौंकाने वाली बातचीत सामने आई है, जिसमें वह एक पीड़िता से कहता है- बाबा: एक दुबई शेख सेक्स पार्टनर चाहता है, क्या तुम्हारा कोई अच्छा दोस्त है? पीड़िता: कोई नहीं है। बाबा: यह कैसे मुमकिन है? तुम्हारा कोई क्लासमेट है या जूनियर? यह साफ संकेत देता है कि बाबा का नेटवर्क भारत से बाहर तक फैला हुआ था, और कॉलेज छात्राओं की तस्करी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

तीन बहनों का ‘डर्टी मैनेजमेंट सिस्टम’

बाबा के साथ काम कर रही तीन सगी बहनों की भूमिका भी उजागर हुई है। ये महिलाएं न सिर्फ पीड़िताओं को दबाव में लाने, बल्कि डिजिटल सबूत मिटाने और अन्य छात्राओं की तलाश करने का काम करती थीं। पुलिस इन्हें ‘डर्टी मैनेजर’ की भूमिका में देख रही है।

अश्लील चैट्स से मिला शोषण का सबूत

बाबा की बातचीत में इस्तेमाल की गई भाषा उसकी मानसिकता उजागर करती है बेबी, तुम कहां हो? गुड मॉर्निंग मेरी प्यारी बच्ची क्या तुम आज मेरे साथ नहीं सोओगी? ये मैसेज लगातार भेजे जाते थे, जो छात्राओं के मानसिक शोषण का भी इशारा करते हैं।

आगरा होटल से गुप्त ठिकाने से गिरफ्तारी

27 सितंबर की रात, ताजगंज इलाके के एक होटल के कमरा नंबर 101 से गिरफ्तारी हुई। आरोपी ने पार्थ सारथी नाम से कमरा बुक किया था। गिरफ्तारी तक बाबा कमरे से बाहर तक नहीं निकला, टैक्सियों से अक्सर अपना ठिकाना बदलता था।

जब्त हुए हाईटेक उपकरण और फर्जी पहचान

पुलिस ने आरोपी से, 3 मोबाइल फोन, 1 iPad, 2 फर्जी पासपोर्ट (दो अलग-अलग नाम और माता-पिता की जानकारी के साथ), संयुक्त राष्ट्र और ब्रिक्स के फर्जी विजिटिंग कार्ड, संस्थान के CCTV कैमरों का रिमोट एक्सेस, ₹8 करोड़ से अधिक की संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि FIR दर्ज होने के बाद बाबा ने फर्जी दस्तावेजों से ₹50 लाख से अधिक निकाले।

SIIM दिल्ली और अंतरराष्ट्रीय जांच

बाबा की गतिविधियां दिल्ली के Sri Sharada Institute of Indian Management and Research (SIIM) से भी जुड़ी हुई पाई गई हैं। दुबई कनेक्शन की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से संपर्क किया गया है।
TAGGED:
Share This Article