
रायगढ़, छत्तीसगढ़ – रायगढ़ जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक पुलिस आरक्षक पर सब्जी चोरी करने का आरोप लगा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने आरोपित सब्जी विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी और आरक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का विवरण
29 अगस्त को रायगढ़ शहर के संजय कॉम्प्लेक्स स्थित सब्जी मार्केट में तैनात सिटी कोतवाली थाने का आरक्षक लव कुमार साय नशे की हालत में सब्जी चोरी करने पहुंचा। घटनास्थल पर तीन सब्जी विक्रेताओं – एक पुरुष और दो महिलाओं – ने उसे चोरी से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान, बबलू पटेल नामक सब्जी विक्रेता ने आरक्षक का कॉलर पकड़ लिया, जिसके बाद दोनों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो आस-पास के लोगों ने बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पुलिस का एकतरफा कदम
वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि वर्दी पहने हुए आरक्षक नशे की हालत में स्थानीय सब्जी विक्रेताओं से उलझ रहा है। लेकिन इस घटना के बाद पुलिस ने बबलू पटेल के खिलाफ धारा 132 बीएनएस (जो कि पुलिस की आदेश की अवहेलना से संबंधित है) के तहत मामला दर्ज कर लिया। वहीं, आरक्षक लव कुमार साय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे न सिर्फ स्थानीय व्यापारियों, बल्कि आम नागरिकों में भी आक्रोश फैल गया है।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में गुस्सा देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पुलिस ने अपने जवान को बचाने के लिए सब्जी विक्रेता के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की। लोगों का यह मानना है कि यदि एक पुलिसकर्मी शराब के नशे में चोरी करने जैसा अपराध करता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, न कि उसे बचाने की कोशिश की जाए।
स्थानीय निवासी और व्यापारियों का कहना है कि इस घटना ने पुलिस की छवि को धूमिल किया है और यह सवाल उठाया है कि क्या पुलिस विभाग अपने ही जवान को बचाने के लिए अन्यायपूर्ण कदम उठा रहा है।
निष्पक्ष जांच की मांग
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या रायगढ़ पुलिस इस विवादास्पद मामले में निष्पक्ष जांच करेगी या फिर इस मामले को दबाने की कोशिश की जाएगी। स्थानीय लोग और व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से जांच में पारदर्शिता की उम्मीद जताई है और मांग की है कि आरोपी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई की जाए।