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Parvati River : श्योपुर में दिल दहला देने वाली त्रासदी…! खेत से घर लौटते समय बाढ़ में घिरे…जब मौत होना निश्चित देखा तो बेटे से ऐसे लिपटे

अचानक पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने से वे फंस गए

श्योपुर, 02 अगस्त। Parvati River : श्योपुर ज़िले के आमलदा गांव में मंगलवार सुबह जो दृश्य सामने आया, उसने इंसानियत को भीतर तक झकझोर दिया। राजू यादव, एक साधारण किसान, और उसका मासूम बेटा शिवम, दो दिन से लापता थे। पर आज जब ग्रामीणों ने उन्हें खेत की मिट्टी में पड़ा पाया, पिता-पुत्र एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले, मानो जीवन की आख़िरी सांस तक एक-दूसरे को थामे हुए थे। यह कोई साधारण हादसा नहीं, यह पिता की ममता और बलिदान का अमर प्रतीक बन गया।

यह घटना श्योपुर देहात थाना क्षेत्र के आमलदा गांव में हुई, जहां पिता-पुत्र खेत में पाइप लेने गए थे। अचानक पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने से वे फंस गए और डूब गए। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के जलस्तर की जानकारी पहले से होती तो शायद जान बचाई जा सकती थी।

पार्वती नदी की बाढ़ बनी काल

शनिवार रात से ही इलाके में भारी बारिश के कारण पार्वती नदी उफान पर थी। राजू यादव और उसका बेटा शिवम खेत से घर लौट रहे थे, तभी बाढ़ के पानी ने उन्हें घेर लिया। बताया जा रहा है कि पिता ने अंत तक बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन जब लहरें बेकाबू हुईं तो राजू ने अपने बेटे को सीने से कसकर पकड़ लिया, शायद यह जानते हुए कि वे लहरों से नहीं बच सकते, पर अपनी गोद में बेटे को अंतिम सुकून दे सकते हैं।

गांव में पसरा मातम

ग्रामीणों ने जब दोनों के शव देखे, तो हर आंख भर आई। राजू का शव बेटे को छाती से लगाए मिला, मानो अब भी उसकी रक्षा कर रहा हो। यह दृश्य गांव के हर इंसान के दिल में हमेशा के लिए गया। यह हादसा (Parvati River) नहीं, एक पिता के अटूट प्रेम की गाथा है।

प्रशासन से मदद की मांग

ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से राजू यादव के परिवार (Parvati River) को आर्थिक सहायता और शिवम की याद में गांव में स्मारक बनाने की मांग की है। प्रशासन ने भी दुख जताते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।

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