कोरबा। छत्तीसगढ़ में बिजली के तार नहीं… घोटाले की करंट दौड़ गई है! 92 करोड़ रुपये की केबल सप्लाई में बड़ा फर्जीवाड़ा, जिसमें विभाग के आला अफसरों की संलिप्तता की बू साफ-साफ आने लगी है।
रायपुर मुख्यालय से निकली जांच टीम ने खोला काला सच
- घटिया क्वालिटी के केबल खरीदे गए!
- ठेकेदार और अधिकारी ने मिलकर किया गोरखधंधा!
- केबल की टेस्टिंग रिपोर्ट खुद बोल रही है सच्चाई!
- जिन्होंने बिजली पहुंचानी थी, वही कर रहे थे अंधेरा!
इन्हें किया गया सस्पेंड और इनकी चल रही जांच
कोरबा विद्युत वितरण विभाग के प्रोजेक्टर ई ई अभिमन्यु कश्यप और जांजगीर के कार्यपालन अभियंता सस्पेंड किया गया है। वहीं मुंगेली और पेंड्रा में जांच की आंच तेज़, कार्रवाई तय मानी जा रही है!
जांच में सैंपल निकला फेल
“रायपुर से आई टीम ने जब मौके पर पहुंचकर केबल के सैंपल लिए, तो रिपोर्ट में निकली ‘FAIL’ — क्वालिटी जीरो, बिल भारी!”



