बालकोनगर

World Water Day : विश्व जल दिवस पर बालको का बड़ा अभियान…! ‘मोर जल मोर माटी’ से गांवों में बढ़ी जल सुरक्षा

बालकोनगर, 24 मार्च। World Water Day : भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व जल दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्तर पर जल संरक्षण को बढ़ावा देते हुए ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के तहत तालाब पुनर्जीवन अभियान चलाया। इस अभियान में 150 से अधिक कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लेकर पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और सतत जल उपयोग के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

कंपनी की इस पहल से अब तक 40 से ज्यादा गांवों में जल संरक्षण संरचनाएं विकसित और पुनर्जीवित की जा चुकी हैं। परियोजना के तहत कुल 158 जल संरचनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें 129 खेत तालाब, 15 सामुदायिक तालाब, 12 चेक डैम और 2 लाइनिंग तालाब शामिल हैं। इनकी कुल जल संग्रहण क्षमता 2.30 लाख घन मीटर से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में ही 22 नई संरचनाएं (21 खेत तालाब और 1 सामुदायिक तालाब) बनाई गई हैं, जिनकी क्षमता लगभग 22 हजार घन मीटर है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि जल संरक्षण सतत विकास और मजबूत समाज की नींव है। ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के माध्यम से स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर जल संसाधनों को पुनर्जीवित किया जा रहा है, जिससे कृषि, आजीविका और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिल रही है। उन्होंने दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारीपूर्वक जल उपयोग का संकल्प दोहराया।

इस पहल का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। अब उन्हें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है और वे केवल वर्षा पर निर्भर नहीं हैं। इससे किसान साल में कई फसलें ले पा रहे हैं और उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। पशुपालन के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है।

कोरबा के पास भाटगांव की किसान संध्या बाई ने बताया कि खेत में तालाब बनने से वे अब मछली पालन और सब्जी खेती दोनों कर पा रही हैं, जिससे उनके परिवार की आय बढ़ी है और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

परियोजना के तहत 80 किसानों ने मछली पालन को अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में अपनाया है, जिससे उन्हें हर फसल चक्र में औसतन 20 हजार रुपये की आय हो रही है। इससे जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

बालको की इस पहल से क्षेत्र में भूजल स्तर में सुधार हुआ है और जल उपलब्धता लंबे समय तक बनी रहती है। तालाबों और अन्य जल संरचनाओं के पुनर्निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण हो रहा है, जिससे पानी का अपव्यय कम हुआ है और पर्यावरण संतुलन बना हुआ है।

कंपनी की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि स्थानीय समुदाय के साथ भरोसे और सहभागिता को भी मजबूत कर रही है, जो भविष्य के सतत और समावेशी विकास की नींव रखती है।

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