मुंबई/न्यूयॉर्क, 08 जनवरी। Vedanta Group : वेदांता रिसोर्सेज के संस्थापक और देश के दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल के इकलौते पुत्र अग्निवेश अग्रवाल (49) का न्यूयॉर्क में बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी स्वयं अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट के जरिए साझा की, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
अनिल अग्रवाल ने लिखा, आज मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है। एक बाप के कंधे पर बेटे की अर्थी जाए, इससे बड़ा दुख क्या हो सकता है। उनकी इस पोस्ट के बाद औद्योगिक जगत से लेकर आम लोगों तक शोक की लहर दौड़ गई।
न्यूयॉर्क में आया कार्डियक अरेस्ट
जानकारी के अनुसार, अग्निवेश अग्रवाल अमेरिका में अपने एक मित्र के साथ स्कीइंग के लिए गए थे, जहां वे एक दुर्घटना का शिकार हो गए। उन्हें न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अचानक आए कार्डियक अरेस्ट ने उनकी जान ले ली।
3 जून 1976 को पटना के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे अग्निवेश अग्रवाल को याद करते हुए अनिल अग्रवाल ने उन्हें अपनी “शान” बताया। उन्होंने मेयो कॉलेज, अजमेर से शिक्षा प्राप्त की थी। अग्निवेश न सिर्फ एक सफल उद्यमी थे, बल्कि वे ‘फुजैराह गोल्ड’ और ‘हिंदुस्तान जिंक’ के चेयरमैन के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके थे। इसके साथ ही वे बॉक्सिंग चैंपियन, कुशल घुड़सवार और एक प्रतिभाशाली संगीतकार भी थे।
अपने बेटे के सपनों को याद करते हुए अनिल अग्रवाल ने लिखा कि उन्होंने अग्निवेश से वादा किया था कि अपनी संपत्ति का 75 प्रतिशत हिस्सा समाज कल्याण में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा, “आज उस वादे को फिर दोहराता हूँ। अब और सादगी से जीवन जियूंगा और देश को आत्मनिर्भर बनाने के अग्नि के सपने को पूरा करने में अपनी पूरी जिंदगी लगा दूंगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि वेदांता समूह में काम करने वाला हर युवा उनके लिए अग्निवेश के समान है। अग्निवेश अपने पीछे पत्नी, बच्चों और शोकसंतप्त माता-पिता को छोड़ गए हैं। इस दुखद खबर के बाद देश-विदेश के उद्योग जगत, कारोबारी नेताओं और शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।