
UGC distance learning courses: रायपुर। उच्च शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब चार साल की ग्रेजुएशन (स्नातक) की डिग्री पूरी करने वाले छात्र देश भर के विश्वविद्यालयों से मात्र एक साल में पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) यानी मास्टर डिग्री हासिल कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) मोड में एक वर्षीय पीजी कोर्स शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह नया प्रावधान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक सफर को अधिक लचीला और आधुनिक बनाना है।
किन छात्रों को मिलेगा प्रवेश?
यूजीसी के सचिव मनीष जोशी द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, इस एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम में केवल उन्हीं छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा, जिन्होंने चार वर्षीय स्नातक (ग्रेजुएशन) पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है।
कौन से संस्थान कर सकेंगे संचालित?
जो उच्च शिक्षण संस्थान (HEIs) पहले से ही ऑनलाइन या डिस्टेंस मोड में दो वर्षीय मास्टर डिग्री कोर्स संचालित कर रहे हैं, वे अब पात्र छात्रों के लिए एक वर्षीय मास्टर डिग्री भी शुरू कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए संस्थानों को यूजीसी के सभी तय मानकों और दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
शैक्षणिक मानक और पाठ्यक्रम
सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम का पूरा ढांचा उच्च गुणवत्ता वाला होगा। इसमें पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री यूजीसी के मौजूदा नियमों के बिल्कुल अनुरूप होगी। छात्रों का मूल्यांकन और क्रेडिट सिस्टम वैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही तय किया जाएगा।






