नेता कम लेता ज्यादा…
कहते जो लेता है वही तो नेता … लेकिन, नेता जब लेने में ज्यादा विश्वास रखता हो तो नेता नेता नहीं रह जाता..! हम बात औद्योगिक नगरी के श्रमिक नेता की कर रहे हैं। जिन पर एक के बाद तीन अपराध दर्ज हुए है। ये नेता जी श्रमिकों के सम्मान की लड़ाई लड़ते लड़ते कब कमाई कर गए समझ नहीं आया…! श्रमिकों के श्रम से नेता जी इतना फलेफूले हैं कि उनकी कई पीढ़िया तर जाएंगी।
कहते हैं जब फ्री का माल मिले तो होली खेलने से गुरेज कैसा..! ठीक इसी तरह नेता जी श्रमिकों के श्रम को बेचकर जमकर होली खेले हैं।
कहते हैं जब फ्री का माल मिले तो होली खेलने से गुरेज कैसा..! ठीक इसी तरह नेता जी श्रमिकों के श्रम को बेचकर जमकर होली खेले हैं।












