
कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा मेगाप्रोजेक्ट में शाम 4.30 बजे भारी वर्षा होने के कारण खदान में कार्यरत 6 लोग पानी के बहाव में फस गए। इनमें से 5 लोग सुरक्षित रूप से निकलने में सफल रहे लेकिन जितेंद्र नागरकर, सहायक प्रबन्धक (माइनिंग) पैर फिसलने के कारण पानी के बहाव में संप में बहे चले गए। कुसमुंडा प्रबंधन ने तुरंत एक्शन लेते हुए बचाव कार्य शुरू किया एवं एसडीआरएफ़ की टीम की सहायता से नागरकर को निकालने का 14 घंटे से प्रयास कर रही है लेकिन अब तक कोई सुराग नही मिला है। आज सुबह घटना स्थल का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है जिसमें एकाएक पानी का सैलाब आया और अफसर को बहा ले गया।
बता दें कि दो दिनों में कोरबा सहित पूरे राज्य में भारी बारिश हुई है। खदान में एक साथ भारी बारिश होने के कारण, पानी की निकासी के हयूम पाइप्स में मलबा जमा हो गया जिसके कारण पानी ओवरफ़्लो होने से यह घटना हुई है।
एसईसीएल एवं कुसमुंडा प्रबंधन लगातार इस घटना की मॉनीटरिंग कर रहा है और एसडीआरएफ़ की सहायता से बचाव कार्य जारी है।
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