कोरबा, 04 जनवरी। Literary Tribute : मुकुटधर साहित्य समिति कोरबा के तत्वावधान में पंडित मुकुटधर पांडेय साहित्य भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ के गौरव, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विनोद कुमार शुक्ल तथा कोरबा के वरिष्ठ साहित्यकार मूलचंद तिवारी ‘हंस’ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना और कविता जैन की सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद दोनों दिवंगत साहित्यकारों के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें स्मरण किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए संरक्षक मुकेश चतुर्वेदी ने कहा कि डॉ. विनोद कुमार शुक्ल केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि समूचे देश के साहित्यिक गौरव हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ का पहला ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला, जो प्रदेश के साहित्यिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उनके उपन्यास और रचनाएं भारतीय साहित्य की स्थायी धरोहर हैं। संरक्षक यूनुस दानियालपुरी, कमलेश यादव और समिति अध्यक्ष दिलीप अग्रवाल ने साहित्यकार मूलचंद तिवारी ‘हंस’ के व्यक्तित्व, सादगी और साहित्यिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने स्थानीय साहित्य को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मूलचंद तिवारी ‘हंस’ की पुत्री ऋतु त्रिवेदी, दामाद राजेश त्रिवेदी तथा अलंकार नायडू ने भी अपने भावुक अनुभव साझा किए। इस अवसर पर जीतेन्द्र कुमार वर्मा ने डॉ. विनोद कुमार शुक्ल की तथा डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा ने मूलचंद तिवारी ‘हंस’ की जीवनी प्रस्तुत की।
सभा में उपस्थित साहित्यकारों ने काव्यांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी। बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमियों और कवियों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन जीतेंद्र कुमार वर्मा ‘खैरझिटिया’ ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन समिति के सचिव डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकारों और श्रोताओं की उपस्थिति रही। उपस्थित प्रमुख कवियों में यूनुस दानियालपुरी, कमलेश यादव, मुकेश कुमार चतुर्वेदी, दिलीप कुमार अग्रवाल, डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा, बलराम राठौर, जगदीश श्रीवास, संतोष चौहान, घनश्याम श्रीवास, उदय कुमार प्रधान, अर्चना साहू, किरण सोनी, कविता जैन, फिरोजा खान, सुरेखा नायडू, सरस्वती श्रीवास, भरत साहू, जीतेन्द्र वर्मा ‘खैरझिटिया’ के साथ अमृता त्रिवेदी व सत्ती प्रधान सहित साहित्य जगत के लोग उपस्थित रहे।