Sakti Fraud Case : कागजों में जिंदा शख्स को बना दिया मृत, फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से 1.42 लाख का बीमा क्लेम हड़पा, पूर्व बैंक कैशियर गिरफ्तार

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Sakti Fraud Case

सक्ती, 31 अगस्त। Sakti Fraud Case : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में धोखाधड़ी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक जिंदा व्यक्ति को कागजों में मृत दिखाकर उसके नाम पर बीमा क्लेम की रकम निकाल ली गई। सक्ती पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बंधन बैंक के पूर्व कैशियर कमलेश सिंह को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ग्राहक के लोन खाते में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर उसे मृत घोषित कर दिया और इसके आधार पर बीमा कंपनी से करीब 1 लाख 42 हजार रुपये का क्लेम निकाल लिया। आरोपी इस मामले में करीब दो साल से फरार चल रहा था।

लोन खाते में लगाया फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र

मामला बंधन बैंक के एक लोन खाते से जुड़ा है। प्रार्थी का बैंक में लोन खाता था। आरोप है कि बैंक में कैशियर के पद पर रहते हुए कमलेश सिंह ने उसी खाते में एक फर्जी डेथ सर्टिफिकेट लगा दिया। कागजों में ग्राहक की मृत्यु दिखाकर आरोपी ने बीमा कंपनी से मिलने वाली क्लेम राशि के लिए प्रक्रिया पूरी की और करीब 1.42 लाख रुपये की रकम निकलवा ली। पुलिस के अनुसार, इस रकम का इस्तेमाल आरोपी ने खुद किया।

ग्राहक को जानकारी मिली तो खुला पूरा राज

प्रार्थी को जब अपने ही लोन खाते में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाए जाने की जानकारी मिली तो वह हैरान रह गया। इसके बाद उसने सक्ती थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। बैंक खाते और दस्तावेजों की जांच के दौरान पूर्व कैशियर कमलेश सिंह की भूमिका सामने आई। हालांकि, मामला सामने आने के बाद आरोपी फरार हो गया था।

दो साल से पुलिस को दे रहा था चकमा

पुलिस के मुताबिक, आरोपी करीब दो साल से फरार चल रहा था। उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कमलेश सिंह अपने घर आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने उसके घर पर दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में कार्रवाई

सक्ती पुलिस ने आरोपी कमलेश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करने और बीमा क्लेम निकालने की प्रक्रिया में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच पूरी होने के बाद इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है।

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