NCERT की किताब में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” वाले चैप्टर पर PM मोदी ने जताई नाराजगी, किस अधिकारी के पास थी जिम्मेदारी, तय होगी जवाबदेही

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NCERT: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NCERT विवाद पर नाराजगी जताई है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पीएम ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पीएम मोदी ने पूछा कि इस मामले की जिम्मेदारी किस अधिकारी के पास थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर 8वीं कक्षा के बच्चों के सामने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे क्यों रखे गए। साथ ही जवाबदेही तय करने को कहा।

NCERT: दरअसल, कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” पर एक चैप्टर छपा था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की सामग्री न्यायपालिका की साख पर सवाल उठाती है। विवाद बढ़ने के बाद NCERT ने बिना शर्त माफी मांगी। परिषद ने कहा कि वह कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब वापस ले रही है और संबंधित चैप्टर हटाया जाएगा।

NCERT: यह किताब ‘Exploring Society: India and Beyond, Vol II’ 24 फरवरी को जारी की गई थी। लेकिन रिलीज के कुछ ही घंटों के अंदर इसे वेबसाइट से हटा दिया गया और बाजार में भेजी गई कॉपियों का वितरण रोक दिया गया।

NCERT: इस मामले को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक सिंघवी ने अदालत के सामने उठाया। इसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “दुनिया में किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”

 

NCERT: सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही माना और आदेश दिया कि जिस किताब में यह चैप्टर है, उसकी सभी कॉपियां तुरंत जब्त की जाएं। साथ ही NCERT के अध्यक्ष प्रोफेसर दिनेश प्रताप सकलानी और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया गया।

NCERT: कोर्ट ने कहा कि मामले की गहराई से जांच होगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शिक्षा मंत्रालय की तरफ से बिना शर्त माफी पेश की।

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