छत्तीसगढ़

Nikalee Pooja : परंपरा पर भारी पड़ी लापरवाही…! संक्रमित बकरे का प्रसाद बांटा…400 ग्रामीणों में फैली दहशत

रेबीज आशंका से गांव में हड़कंप

अंबिकापुर, 30 दिसंबर। Nikalee Pooja : जिले के सरगंवा गांव में आयोजित परंपरागत ‘निकाली पूजा’ के दौरान एक ऐसे बकरे की बलि दिए जाने का मामला सामने आया है, जिसे कुछ दिन पहले रेबीज संक्रमित कुत्ते ने काट लिया था। बलि के बाद उसी बकरे के मांस को प्रसाद के रूप में पकाकर गांव के लगभग 400 ग्रामीणों में वितरित किया गया, जिससे ग्रामीणों में संक्रमण को लेकर भय का माहौल बन गया है।

दर्जन भर बकरों की दी गई बलि

जानकारी के अनुसार, सरगंवा गांव में हर तीन वर्ष में ‘निकाली पूजा’ का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष 28 दिसंबर को आयोजित पूजा में 12 से 15 बकरों की बलि दी गई। मांस को पुरुषों के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि बलि दिए गए बकरों में से एक बकरा पहले ही रेबीज संक्रमित कुत्ते के संपर्क में आ चुका था और उसका इलाज भी चल रहा था। इसके बावजूद उस बकरे की बलि दे दी गई। घटना सामने आने के बाद प्रसाद ग्रहण करने वाले सैकड़ों ग्रामीण चिंता में हैं और संक्रमण की आशंका को लेकर डरे हुए हैं।

पका हुआ मांस खाने से खतरा कम : डॉक्टर

मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया गया है और गांव में जांच शिविर लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि रेबीज आमतौर पर संक्रमित पशु के काटने या उसकी लार के सीधे संपर्क से फैलता है।

पशु चिकित्सक डॉ. चंदू मिश्रा ने बताया कि उच्च तापमान पर अच्छी तरह पका हुआ मांस खाने से वायरस के जीवित रहने की संभावना बेहद कम होती है, फिर भी सतर्कता आवश्यक है।

वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को ने बताया कि 31 दिसंबर को गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा। शिविर में प्रसाद ग्रहण करने वाले सभी ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी और आवश्यकता अनुसार आगे की चिकित्सा सलाह दी जाएगी।

प्रशासन ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने की अपील की है।

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