छत्तीसगढ़
Naxalite Surrender : माओवादी नेता सुनील की चिट्ठी से हलचल…! गरियाबंद में सशस्त्र आंदोलन छोड़ने का संकेत
बस्तर के बाद अब गरियाबंद की बारी
समय रहते ‘सही फैसला लेने’ का आह्वान
पत्र में कहा गया है कि, सीसी (सेंट्रल कमेटी) सही समय पर निर्णय नहीं ले सकी, यह एक गलती मानी जानी चाहिए। अब वक्त है कि हम जनांदोलनों के साथ जुड़कर जनता की समस्याओं का समाधान करें। सुनील ने अपनी उदंती एरिया कमेटी की ओर से आंदोलन समाप्ति की घोषणा करते हुए गोबरा, सीनापाली, एसडीके और सीतानदी जैसे इलाकों में सक्रिय सभी यूनिटों के कामरेडों से अपील की है कि वे पूरे दलम और हथियारों के साथ सरेंडर में शामिल हों। पत्र में यह भी उल्लेख है कि कई महत्वपूर्ण कामरेडों को पहले ही खोया जा चुका है, और अब और देर करने से नुकसान बढ़ सकता है। इसलिए सभी साथियों से समय रहते ‘सही फैसला लेने’ का आह्वान किया गया है। इससे पहले बस्तर में हुए सरेंडर में नक्सलियों के पास से 153 हथियार बरामद हुए थे, और सरकार द्वारा पुनर्वास के तहत लगभग 9.18 करोड़ रुपये की योजनाएं लागू की गई हैं। 20 अक्टूबर को गरियाबंद में संभावित सरेंडर के मद्देनज़र सुरक्षा बल और प्रशासन सतर्क है। माना जा रहा है कि दिवाली से पहले गरियाबंद में भी नक्सलियों का एक बड़ा समूह हथियार डाल सकता है।






