छत्तीसगढ़
Operation Cyber Shield : मोबाइल हैक कर करोड़ों की ठगी…! रायपुर साइबर पुलिस ने तोड़ा अंतरराज्यीय गिरोह…6 आरोपी गिरफ्तार
RTOechallan.apk से लेकर PMkisanyojna.apk तक फर्जी से ठगी
मोबाइल हैकिंग का तरीका उजागर
गिरोह के मुख्य सदस्य धर्मजीत सिंह (18 वर्ष, लोनावाला, पुणे) ने मेलेशियस कोड डालकर फर्जी APK तैयार किए थे। ये नकली ऐप्स, RTOechallan.apk, PMkisanyojna.apk, Bank.apk, Ayushman.apk, Fastag.apk जैसे नाम से बनाए जाते थे, ताकि लोग इन्हें आधिकारिक ऐप समझकर इंस्टॉल कर लें। इन्हें टेलीग्राम व व्हाट्सएप के 500 से अधिक ग्रुपों के माध्यम से बेचा जाता था। हैकर्स इन फाइलों को आम लोगों के व्हाट्सएप में भेजते थे। फाइल क्लिक करते ही मोबाइल पूरी तरह हैक हो जाता था, बैंकिंग जानकारी चुराई जाती थी और पीड़ित के सभी कॉन्टैक्ट पर वही फर्जी फाइल भेज दी जाती थी।इस तरह होती थी ठगी
मोबाइल हैक होने के बाद ठग पीड़ितों के बैंक खातों से राशि म्यूल अकाउंट्स में भेजते थे। सौरव कुमार और आलोक कुमार म्यूल बैंक खातों की आपूर्ति करते थे। चांद मोहम्मद के माध्यम से राशि इमरान अंसारी (आसनसोल) तक पहुंचाई जाती थी। फिर एटीएम से रकम निकालकर गिरोह बांट लेता था। इसी तरीके से प्रार्थी अर्चना भदौरिया से 5.12 लाख और प्रार्थी महेश कुमार साहू से 12 लाख की ठगी की गई थी। इस संबंध में थाना टिकरापारा (अ.क्र. 734/25) और थाना राखी (अ.क्र. 132/25) में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज है। तकनीकी विश्लेषण व डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में छापे डालकर 6 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया-- सौरव कुमार (33 वर्ष, बिहार – वर्तमान: नोएडा) भूमिका: फर्जी कंपनी बनाकर बैंक अकाउंट खुलवाना
- आलोक कुमार (25 वर्ष, बिहार – वर्तमान: दिल्ली) भूमिका: म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराना
- चांद बाबू (32 वर्ष, मध्यप्रदेश) भूमिका: ठगी की राशि आहरण
- धर्मजीत सिंह (18 वर्ष, महाराष्ट्र) भूमिका: फर्जी APK बनाने वाला हैकर
- मोहम्मद इरफान अंसारी (23 वर्ष, पश्चिम बंगाल) भूमिका: फर्जी APK व्हाट्सऐप से भेजना
- मारूफ सिद्दीकी अंसारी (20 वर्ष, महाराष्ट्र) भूमिका: म्यूल अकाउंट की आपूर्ति







