Mitanin Sangh strike: मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने आ रही मितानिनों को प्रशासन ने रास्ते में रोका, नेशनल हाइवे 130 जाम, सड़क पर डटीं

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Mitanin Sangh strike: रायपुर/गरियाबंद। 2023 के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करना और एनजीओ ठेका प्रथा को बंद करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ और प्रशिक्षक कल्याण संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन पर हैं।

आज गुरुवार को मितानिनों ने राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की योजना बनाई थी, लेकिन विभिन्न जिलों से रायपुर पहुंच रही मितानिनों को प्रशासन ने रास्ते में रोक लिया। गरियाबंद में नाराज मितानिनों ने नेशनल हाइवे 130 को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रदेश के अन्य जिलों से भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आ रही हैं।

Mitanin Sangh strike: सरकार पर रवैया दमनकारी:मितानिन संघ

मितानिन संघ की अध्यक्ष सरोज सेंगर ने सरकार पर अत्याचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “3 सितंबर से हम हड़ताल पर हैं और आज रायपुर में CM निवास का घेराव करने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने बीती रात से ही हमें रोक रखा है। हमारी गाड़ियों को विभिन्न स्थानों पर रोककर चालान काटे जा रहे हैं।

सरोज सेंगर ने सरकार के इस रवैये को दमनकारी बताते हुए कहा कि मितानिनों की दो सूत्री मांगों में से एक पर विचार चल रहा है, लेकिन एनजीओ ठेका प्रथा बंद करने और संविलियन के वादे को लागू करने की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है।

सेंगर ने कहा, बीजेपी के घोषणापत्र में मितानिन कार्यक्रम के कर्मचारियों के संविलियन का वादा किया गया था, लेकिन हमें अपनी मांगें उठाने के लिए रायपुर पहुंचने से भी रोका जा रहा है। जब तक हमारी आवाज राजधानी तक नहीं पहुंचेगी, हम सड़क पर डटे रहेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री का बयान: एक मांग होगी पूरी

हड़ताल को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, मितानिन संघ की मांगें ज्यादा नहीं हैं। उनकी दो मांगों में से एक को पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन घोषणापत्र में की गई 50% वेतन वृद्धि की घोषणा को सरकार पूरा करेगी।

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