रायपुर, 20 जनवरी। Love Trap Allegations : महिला डीएसपी कल्पना वर्मा को लेकर एक बड़ी जांच रिपोर्ट में कई गंभीर खुलासे सामने आए हैं। करीब 1400 पेज की जांच रिपोर्ट में डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच व्हाट्सएप चैट मिलने का दावा किया गया है, जिनमें कथित तौर पर नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील खुफिया जानकारियां साझा की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कारोबारी दीपक टंडन ने अपने बयान में कहा है कि उच्च स्तर पर शिकायत के बावजूद कल्पना वर्मा ने उनकी लग्जरी कार और कीमती ज्वेलरी वापस नहीं की। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है और अब आगे की कार्रवाई पर निर्णय सरकार लेगी।
सूत्रों का दावा है कि नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी खुफिया जानकारी लीक करने के मामले को दबाने की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस मुख्यालय ने बस्तर आईजी से रिपोर्ट मंगाई थी, लेकिन इसे गोपनीय रखा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि नक्सल ऑपरेशन की जानकारी लीक करना गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है।
₹2.5 करोड़ की ठगी का आरोप
कारोबारी दीपक टंडन ने वर्ष 2025 में डीएसपी कल्पना वर्मा पर ‘लव ट्रैप’ के जरिए करीब 2.5 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया। शिकायत के मुताबिक इसमें, ₹2 करोड़ नकद, एक लग्जरी कार, ₹12 लाख की डायमंड रिंग, ₹5 लाख के सोने के गहने और ₹1 लाख का ब्रेसलेट शामिल हैं।
इसके अलावा दीपक टंडन ने डीएसपी के भाई के नाम पर होटल खोलने के बहाने भी करोड़ों रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। इस मामले में होटल रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की मांग की गई है।
‘धमकी और दबाव’ का भी आरोप
दीपक टंडन का दावा है कि वर्ष 2021 में एक परिचित के माध्यम से कल्पना वर्मा से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद लगातार संपर्क और व्यक्तिगत संबंध बने। आरोप है कि इसी दौरान उनसे भारी रकम और कीमती सामान लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पैसे वापस मांगने पर उन्हें वर्दी का रौब दिखाकर धमकाया गया और पत्नी से तलाक लेने का दबाव बनाया गया। व्हाट्सएप चैट्स को सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपने की बात भी कही गई है।
पहले भी विवादों में रही हैं DSP
डीएसपी कल्पना वर्मा पहले भी विवादों में रह चुकी हैं। कांग्रेस शासनकाल के दौरान एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें वे नेताओं के ज्ञापन के दौरान मोबाइल में व्यस्त नजर आई थीं। 2017 बैच की अधिकारी होने के बावजूद उनकी रायपुर से दंतेवाड़ा तक की पोस्टिंग हमेशा चर्चा में रही है।
DSP कल्पना वर्मा ने आरोपों से किया इनकार
डीएसपी कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से यह पूरा मामला खड़ा किया गया है। फिलहाल पुलिस (Naxal Intelligence Leak) शिकायत, लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।