Featuredक्राइमदेश

Love, Betrayal and Death: पहले केतन को मौत के मुहाने पर धकेला, फिर इंस्टाग्राम पर बहाए आंसू! सिया पर हत्या की साजिश का आरोप

"जिस लड़की के साथ सात फेरे लेने के सपने देख रहे थे, उसी पर अब मौत की साजिश रचने का आरोप है..."

मुंबई। Love, Betrayal and Death एक प्रेम कहानी, जो कुछ महीनों बाद शादी के मंडप तक पहुंचने वाली थी, अब हत्या के सनसनीखेज आरोपों और पुलिस जांच के बीच खड़ी है। केतन अग्रवाल की रहस्यमयी मौत ने न केवल परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब पुलिस तलाश रही है।परिजनों का दावा है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी।

14 जून को ही हो गया था पहला प्रयास”

केतन के पिता विशाल अग्रवाल का आरोप है कि 14 जून को सिया, केतन को लोहगढ़ किले पर लेकर गई थी। वहां दोनों अकेले थे। इसी दौरान सिया ने कथित तौर पर केतन को पीछे से धक्का दे दिया।

परिवार के अनुसार, धक्का लगते ही केतन खाई की ओर सरक गया, लेकिन उसका हाथ झाड़ियों में फंस गया और उसकी जान बच गई। आरोप है कि इसके बाद सिया ने अचानक “सांप आया… सांप आया…” चिल्लाना शुरू कर दिया और केतन को गले लगाकर यह जताने की कोशिश की कि उसने उसे बचाने के लिए धक्का दिया था।

परिजनों का कहना है कि उसी दिन केतन को समझ आ गया था कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है।

मौत के बाद भी नहीं दिखा दुख!

केतन के पिता का दावा है कि जब बेटे का शव घर पहुंचा, तब भी सिया के चेहरे पर न तो शोक था और न ही किसी तरह का दर्द दिखाई दिया।

परिवार का आरोप है कि जिस तरह का व्यवहार उसने किया, उससे उनका शक और गहरा हो गया। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद सोशल मीडिया पर डाले गए भावुक पोस्ट भी उन्हें “मगरमच्छ के आंसू” से ज्यादा कुछ नहीं लगे।

शादी की तैयारियां चल रही थीं…

परिवार ने बताया कि 11 फरवरी को दोनों का परिचय समारोह हुआ था और 19 फरवरी को रोका। 25 नवंबर को शादी तय थी। घर में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। रिश्तेदारों को निमंत्रण देने की चर्चा चल रही थी और भविष्य के सपने बुने जा रहे थे।लेकिन अचानक आई इस मौत ने खुशियों को मातम में बदल दिया।

“आरोपियों को फांसी मिले”

केतन के चाचा विजय अग्रवाल ने आरोपी सिया और चेतन चौधरी के लिए फांसी की सजा की मांग की है। उनका कहना है कि सिया पहले भी कई बार केतन को लोहगढ़ लेकर जा चुकी थी और लगातार वहां चलने का दबाव बना रही थी।

परिजनों का दावा है कि दोनों के रिश्ते उतने अच्छे नहीं थे, जितना बाहर से दिखाई देता था। ऐसे में बार-बार लोहगढ़ ले जाने की जिद अब कई सवाल खड़े कर रही है।

रोते-रोते छलक पड़ा दर्द

मीडिया से बात करते हुए केतन के चाचा विजय अग्रवाल अपने आंसू नहीं रोक सके। उनकी आंखों में बेटे समान भतीजे को खोने का दर्द साफ दिखाई दिया। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और दोषियों को ऐसी सजा मिले, जो समाज के लिए मिसाल बने।

जांच जारी, जवाबों का इंतजार

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। हादसा, आत्महत्या या फिर हत्या की साजिश… इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। लेकिन केतन की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्यार की आड़ में कोई खौफनाक साजिश रची जा रही थी? अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है, क्योंकि इस कहानी का सबसे बड़ा सच अभी सामने आना बाकी है।

Related Articles

Back to top button