
उमरिया: जिले ही नहीं, संभाग में भ्रष्टाचार में अव्वल चर्चित सीएमओ ज्योति सिंह को अंततः शहडोल कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने निलंबित कर दिया है। ज्योति सिंह जब नगर पालिका परिषद अनूपपुर की सीएमओ रही, तब भी इन्होंने सामग्री क्रय नियमों का उल्लंघन करते हुए मनमानी ढंग से भ्रष्टाचार किया था। इसकी फाइल कमिश्नर कार्यालय में धूल खाती पड़ी रही। फिर अपना ट्रांसफर करवा कर उमरिया जिले में आईं और यहां भी वही रवैया चालू कर दीं।
पूरे परिषद ने किया था विरोध
इसके चलते पूरी परिषद ने विरोध किया और तत्कालीन कलेक्टर के डी त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा था। कलेक्टर ने तत्कालीन अपर कलेक्टर के सी बोपचे को जांच सौंपा। उस समय अपर कलेक्टर ने सांठ गांठ कर पाली सीएमओ भूपेन्द्र सिंह को जांच करने के लिए नियुक्त कर दिया और उसमें लीपापोती हो गई।
पति ने कर लिया विवाद
इसके बाद उमरिया नगर पालिका के सभी पार्षद कलेक्टर से लेकर प्रदेश सरकार तक पत्राचार किए। इसके बाद जांच दल गठित कर भंडार गृह की जांच करने के लिए टीम को भेजा था। मैडम के दबंग पति एस के सिंह जांच दल से विवाद कर उसको चलता कर दिए। बाद में इनका ट्रांसफर नगर परिषद नौरोजाबाद कर दिया गया, जहां ये फिर से अपना वही रवैया शुरू कर दीं। लगभग एक करोड़ का घोटाला कर दीं।
व्यापक पैमाने पर अनियमितता
कमिश्नर ने लिखा कि उमरिया जिले के नगर परिषद नौरोजाबाद में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी ज्योति सिंह ने विगत 01 वर्ष में विभिन्न निर्माण कार्यों और सामग्री क्रय में व्यापक पैमाने पर की अनियमितता की। इस संबंध में प्राप्त शिकायत पर कलेक्टर, जिला उमरिया द्वारा आदेश क्र./323/जिशविअभि./2024, उमरिया दिनांक-05-08-2024 से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली, जिला उमरिया की अध्यक्षता में 03 सदस्यीय जांच दल गठित कर विस्तृत जांच कराई गई। जांच समिति ने प्रस्तुत निष्कर्ष में ज्योति सिंह, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपरिषद नौरोजाबाद, जिला उमरिया द्वारा गंभीर वित्तीय अनियमितता किया जाना प्रमाणित पाया है।